खंडवा- जय महाराणा रक्तदान समूह भारत खंडवा के संस्थापक/अध्यक्ष रक्तमित्र शैलू मंडलोई ने अपने पुत्र ओम मंडलोई के जन्मदिन पर अपना 57 वां रक्त का दान किया। वहीं पुत्र ने अपने 18 वर्ष पूर्ण होने पर अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए ब्लड बैंक जाकर अपना पहला रक्तदान कर रक्तदाता बनने की ओर कदम बढ़ाया।
रक्तमित्र शैलू मंडलोई ने बताया कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता पैदा करना संस्था का मुख्य उद्देश्य है। आज के समय में थैलेसिमिया, केंसर, गर्भवती महिलाओं को हो रही रक्त की कमी को पूरा करने के लिए संस्था द्वारा समय-समय पर कैंप लगाकर रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं वहीं युवाओं को भी रक्तदान प्रति आगे आने के लिए उन्हें अपने जन्मदिन या किसी पारिवारिक कार्यक्रम में रक्तदान करने के साथ एक पौधे का रोपण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सभी युवा एवं माता पिता रक्तदान करते है तो शायद ही समाज में कभी रक्त की कमी किसी मरीज को हो। जन्मदिन के 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद सभी को देश के लिए मतदान एवं समाज के लिए रक्तदान करना चाहिए जिससे मतदान से एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण एवं रक्तदान से समाज में हो रही रक्त की कमी को पूरा किया जा सकता है। रक्तमित्र शैलू मंडलोई के पुत्र ओम मंडलोई के द्वारा अपने जन्मदिन के 18 वर्ष पूरे होने पर अपने स्वयं के स्वास्थ के साथ ही समाज के लिए रक्तदान किया जिससे किसी अपने की मदद हो सके। इस अवसर पर संस्था के संचालक रक्तमित्र शुभम सिंह गौड़, सचिव एवं कोच मनीष भैसारे, शैलेंद्र सिंह राजपूत सहित संस्था के सदस्य उपस्थित थे।

