अनोखा तीर, हरदा। स्थानीय राजपूत छात्रावास में क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियों से क्षत्रिय समाज के 100 लोगों को टिकट देने की मांग की जा रही है। हमारी मुख्य मांग है कि क्षत्रिय समाज को सत्ता में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी मिले। अन्यथा हम नोटा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने जो सर्वे किया है उसमें 100 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां हमारी भरपूर संख्या है। किन्तु आज तक राजनीतिक दलों द्वारा हमारी उपेक्षा की गई है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा। हमें सौ टिकिट चाहिए। हमारे क्षत्रिय समाज के लोग जो इन पार्टियों के कार्यकता हैं और सालों से आपके साथ काम कर रहे हैं। इन दलों को चाहिए कि वे उन पर विश्वास जताकर टिकिट दें। हम उन्हें जिताने के लिए तन-मन-धन से लग जाएंगे। श्री शेखावत ने चेतावनी दी कि इस बार भी हमारे समाज की उपेक्षा की गई तो हम नोटा का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
भोपाल के महाकुंभ में क्षत्रिय भरेंगे हुंकार
उन्होंने बताया कि आगामी 27 अगस्त को भोपाल में क्षत्रिय एकता महाकुंभ का विशाल आयोजन किया जाएगा। जहां सभी राज्यों से समाज के लाखों लोग शामिल होंगे। इस दौरान हम 12 सूत्रीय मांगों को उठाएंगे। यदि सरकार ने दोपहर 2 बजे तक हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और सहमति नहीं जताई। तो हम दो बजे बाद लाखों लोगों को लेकर सचिवालय जाएंगे। हम हमारी मांगों पर सहमति बनाकर ही उठेंगे।
क्या हैं प्रमुख मांगें
1. राष्ट्रीय पार्टियों द्वारा क्षत्रियों को उनके प्रभुत्व वाली सभी विधानसभा सीट में टिकिट वितरण की जाए।
2. क्षत्रिय कल्याण बोर्ड और सवर्ण आयोग का गठन हो।
3. महापुरुष और वीरांगनाओं का इतिहास संरक्षित करने आयोग का गठन किया जाए।
4. प्रदेश में गौ रक्षार्थ कड़े कानून बनाने और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने उत्तराखंड की तरह प्रदेश में बिल पास कर केंद्र को सुपुर्द किया जाए।
5. लव जेहाद, लैंड जेहाद को पूर्णविराम देने हेतु कड़े कानून बनाकर और शीघ्र अनुपालन किया जाए।
6. सभी भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरियों में प्रधानता दी जाए।
7. एट्रोसिटी का विरोध नहीं किंतु एट्रोसिटी के दुरूपयोग को रोकने हेतु कड़े कानून बनाएं। प्रोत्साहन राशि का भुगतान बंद करना और गिरफ्तारी जांच के पश्चात करना।
8. आरक्षण का कोई विरोध नहीं किंतु आरक्षण की समीक्षा हो। क्रिमिलेयर का प्रावधान हो ताकि जरूरतमंद तक इसका लाभ पहुंच सके। आरक्षण का प्रावधान जातिगत ना होकर आर्थिक आधार पर हो।
9. बुंदेलखंड संभाग को अलग राज्य घोषित किया जाए।
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