अनोखा तीर, हरदा। भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान शिक्षाविद तथा चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 122वी जयंती स्थानीय नर्मदेश्वर मंदिर स्थित उद्यान में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोहरलाल शर्मा, डॉक्टर श्रीरंग मुजूमदार और भारतीय जनता पार्टी बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक मनसुख लोहाना ने अपने विचार व्यक्त किए। अपने उद्बोधन में श्री लोहाना ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी मानवता के उपासक और सिद्धांतवादी तो थे ही इसके अलावा वह महान शिक्षाविद व चिंतक भी थे। उन्होंने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को समाप्त किए जाने की पुरजोर वकालत की थी। इसी तारतम्य में उन्होंने बिना परमिट लिए ही जम्मू कश्मीर में अनेक विशाल सभाओं का आयोजन किया था। जिससे भयभीत होकर वहां के शासन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया तथा नजरबंद की स्थिति में 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनका अवसान हो गया। श्री लोहाना ने कहा कि युग दृष्टा डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर में एक राष्ट्र दो ध्वज का प्रखर विरोध किया था। वे शेर के समान दहाड़ते हुए कहते थे कि जम्मू कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है किसी भी सूरत में एक राष्ट्र दो विधान दो निशान तथा दो प्रधान नहीं चलेंगे। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मनिल शर्मा, सांसद प्रतिनिधि राजीव कमेडिया, भारतीय जनता पार्टी जिला महामंत्री, देवीसिह सांखला, डॉक्टर श्रीरंग मुजूमदार, मनोहरलाल शर्मा, विधायक प्रतिनिधि उदयसिंह चौहान, दीपक नेमा, नगरपालिका उपाध्यक्ष अंशुल गोयल, पार्षदगण शुभम इवने, कुंवर सिंह सानिया, प्रदीप सोनी, गजानंद डाले, अजय शर्मा, राम देवहरे, प्रहलाद पटेल, कैलाश कुचबंदिया, संदीप पाराशर, महेंद्र प्रजापति राजकुमार मौर्य, संजय लोकवाणी, राजेश लाठी, नरेंद्र सैनी, कन्हैयालाल कुशवाहा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। अंत में आभार प्रदर्शन भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विनोद गुर्जर ने माना।

