देवास- वातावरण निर्माण किसी भी कार्य योजना की सार्थकता में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करता है। इसमें नारे लेखन एक प्रमुख विधा है। समाज में नारों के माध्यम से चेतना का प्रचार जल्दी पैदा होता है। व्यक्ति की संपूर्ण ताकत उन शब्दों से जुड़ जाते है, जिसे वह कहता है। प्रत्येक योजना और अभियान में नारे उसकी पहचान बन जाते हैं और उनका निर्माण जन समुदाय द्वारा ही होता है। जन शिक्षण देवास द्वारा जी 20 के तहत जनभागीदारी अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रशिक्षण केंद्र सिंगावदा में नारे लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय था।
कौशल विकास-समाज विकास में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा उत्साह पूर्वक सहभागिता की गई प्रशिक्षण के द्वारा विचार-विमर्श कर अनेक नारों का लेखन किया। यह तमाम नारे लेखन उनकी अपनी कुशलता, बौद्धिक क्षमता और कौशल विकास के संबंध में उनका अपना दृष्टिकोण को दर्शाता है प्रशिक्षण के द्वारा जो प्रमुख नारे लिखे गए उसमें कुशल बनो, योग्य बनो। यदि युवा को रोजगार पाना, तो होगा उसे कौशल बढ़ाना। अपने कौशल का विकास कीजिए,अपना भविष्य को सुधारें। कौशल से होता है वृद्धि का विकास, जिसका महत्व उद्योग जगत में है खास।
आओ हम सब मिलकर प्रण करें, कुशल हो देश का युवा और जन जन। ऐसे नारे बताता है कि समाज के विकास में कौशल का इतना महत्व है प्रतियोगिता में प्रमुख रूप से वैष्णवी, अंजली, हर्षिता, शिवानी, सिमरन, दीपिका, शोभा, भावना, पूनम, मंजू, माया, निशा आदि प्रशिक्षणार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संयोजन सुनीता शर्मा ने किया। उक्त जानकारी जन शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार ने दी।
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