लोहारदा- मध्य प्रदेश में बेहतर स्वास्थ सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किये जाते है परन्तु जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है।
शासकीय विभागों की लापरवाहियों का गढ़ कहे जाने वाले लोहारदा में आज स्वास्थ विभाग की लापरवाही सामने आयी है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर व नर्स मौजूद न होने की वजह से लोहारदा अस्पताल के बाहर एक गर्भवती महिला घण्टो खड़ी रही अस्पताल प्रशासन के जवाबदार अधिकारी कर्मचारी मोके से नदारद थे।
भेसुन निवासी रामानन्द वर्मा ने बताया की उसकी गर्भवती पत्नी की तबियत बिगड़ने से वह उसे लेकर 10 बजे स्वास्थ केंद्र लोहारदा पहुंचे लेकिन अस्पताल बंद था। वह अपनी पत्नी को लेकर काफी देर अस्पताल के सामने खड़े रहे लेकिन उन्हें उपचार नही मिला।
अस्पताल की नर्स रेखा भदोरिया का कहना था की मेरे बच्चे की तबीयत खराब होने से में बाहर हूँ।
लोगों का कहना है की अगर रेखा भदौरिया अस्पताल में आति भी है तो सिर्फ 11 से 2 बजे तक ही बैठती है।
और डॉ संतोष कोतकर का पूछा तो कहा कि उन्हीने स्वास्थ्य छुट्टी ले रखी है,जबकि हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है,डॉ संतोष कोतकर का बिना किसी को आवेदन दिए छुट्टी पर जाना बता रहा है कि उन्हें भी इस हॉस्पिटल से की मतलब नही है।और इस बात की जानकारी ना ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को भी नही है कि उन्होंने पिछले दस दिन से छुट्टी ले रखी है।
बता दे की भेसुन, पलासी, बंजारी, रेहमानपूरा,लेहकी, के मरीज लोहारदा स्वास्थ्य केंद्र पर अपना इलाज कराने आते है।
लोहारदा अस्पताल में आये दिन मरीजो की शिकायते रहती है की डॉक्टर ओर स्टॉप अस्पताल में मोजूद नही रहते है अक्सर लोग बिना इलाज के चले जाते है या फिर सतवास ओर कांटाफोड़ में अपना इलाज कराते है।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर लोकेश मीणा ने खुद स्वीकार किया कि लोहारदा स्वास्थ केंद्र के स्टॉप का एक भी व्यक्ति काम का नही है ओर यह मेने लिखित में दिया भी है।
उच्च अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है की लोहारदा अस्पताल की कई शिकायते होने पर भी आज तक कोई आकस्मिक निरीक्षण नही किया गया मोके पर किसी भी शिकायतकर्ता को बुलाकर उसकी समस्या नही सुनी गई cm हेल्पलाइन पर भी बिना जांच के शिकायतों का समाधान कर दिया जाता है। ऐसे लगता है की उच्च अधिकारियों की विशेष कृपा सिर्फ लोहारदा स्वस्थ केंद्र पर है इस लिए आज तक कोई बड़ी कार्यवाही देखने को नही मिली।
जिला स्वास्थ अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा की अस्पताल में डाक्टर नर्स नही है तो मरीज को सतवास काँटाफोट भेजे में डक्टर से बात करता हूं।
ब्लाक मेडिकल अधिकारी लोकेश मीणा से सम्पर्क किया गया उन्होंने बताया की सबंधित नर्स पर कार्यवाही की जावेगी एवं डॉ सन्तोष कोतकर के बीना आवेदन दिए छूट्टी पर रहे इस बात की तस्दीक कर उतने दिनों का वेतन उन्हें प्रदान नही किया जावेगा।
Views Today: 2
Total Views: 168

