खंडवा- तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागृह में प्रदेश समिति के सदस्य और पंधाना विधायक राम दांगोरे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला कौशल समिति के सदस्य व सभी आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज से नोडल अधिकारी मौजूद थे। विधायक दांगोरे ने खराब रिजल्ट समेत वित्तीय अनियमितता का मामला उठाया। जल्द सुधार के निर्देश दिए।
बैठक में अभाविप के प्रांत सह मंत्री शुभम पटेल ने तकनीकी संस्थानों में चल रही अनियमितताओं की शिकायत करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों की जो स्टेशनरी की क्वालिटी है बहुत ही घटिया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का हॉस्टल होने के बावजूद संस्था के प्राइवेट हॉस्टल में रहने के लिए विद्यार्थियों पर दबाव बनाया जाता है जिसकी फीस लगभग 8 हजार है। हॉस्टल में भोजन शुल्क अतिरिक्त लिया जाता है।
अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए शासन द्वारा अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाती है जो पिछले 4 साल से बंद है। हर साल इसका टाइम टेबल बनता है और गबन होता है। संस्था की शैक्षणिक शुल्क 10,441 रूपए है जो पहले छात्रवृत्ति मिलने के बाद जमा करवाई जाती थी, पर पिछले चार-पांच सालों से पहले जमा करवाई जा रही है। जिससे बैंक से ब्याज मिल जाता है। परमानेंट फैकल्टी का रिजल्ट खराब होने के कारण वह अपना पक्ष रखने के लिए सार्थक एप को चालू किया गया है। संस्था के हर विभाग में जितनी भी मशीन बुलवाई गयी है उस पर लाखों रूपयों का घोटाला हुआ है।
संस्था परिसर में तकरीबन 1200 बच्चे पढ़ते हैं उसके बावजूद यहां पर वॉशरूम की मात्रा सिर्फ एक है इसमें साफ सफाई नहीं होती। संस्था में प्रैक्टिकल की स्थिति अत्यंत गंभीर है लैब टेक्नीशियनों की मात्रा कम है और जितनी मात्रा लैब टेक्नीशियन की है वह लोग भी स्टूडेंट के लिए कभी प्रैक्टिकल प्रोफॉर्म नहीं करवाते। ऐसे ही आईटीआई महाविद्यालयों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि आईटीआई महाविद्यालयों में क्रय की गई सामग्री को नियम अनुसार क्रय नही किया गया और क्रय की गई सामग्री में वित्तीय अनियमितता हुई है जिसकी जांच थर्ड पार्टी से करवाना चाहिए। आईटीआई प्राचार्य पर वित्तीय अनियमितता को लेकर ऑलरेडी 6 विभागीय जांच चल रही है जिसमें सांठगांठ की खबर है
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