अनोखा तीर, देवास। बुधवार की बीती रात सोनकच्छ नगर के कालीसिंध नदी मार्ग शमशान घाट के पास पांच युवकों ने मिलकर एक नाबालिग युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस थाना से मिली अनुसार बुधवार रात 10 बजे के लगभग मृतक युवक जसपाल सिंह बघेल पिता सुरेश सिंह बघेल निवासी ठाकुर सेरी सोनकच्छ 16 वर्ष अपने भाई को लेने नदी मार्ग से जा रहा था कि रास्ते में शमशान के यहां पर पांच युवकों ने मिलकर जसपाल बघेल को घेरकर चाकू व डंडे से मारकर गंभीर घायल कर फरार हो गए। परिजनों द्वारा जसपाल को गंभीर हालत में इंदौर अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उस की मौत हो गई। पुलिस ने पांच युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। बताया जाता है कि पांच आरोपियों में से तीन युवक नाबालिग है। नगर में बढ़ती गुंडागर्दी से दहशत फैली हुई है। मृतक का बड़ा भाई हर्षराज सिंह बघेल बस स्टैंड पर मजदूरी करता है। उसने बताया कि बुधवार दोपहर में एक नाबालिग और विजय मालवीय बस स्टैंड पर मिले। मैंने उनको बोला कि मेरे भाई जसपाल को और मुझे क्यों डराते हो। इस पर दोनों नाराज होकर चले गए। रात करीब 9.30 से 10 बजे मैंने अपने भाई जसपाल बघेल को बस स्टैंड पर लेने के लिए बुलाया था। मैं पैदल बस स्टैंड से कालीसिंध नदी की तरफ चलने लगा। मैंने देखा कि मेरा भाई जसपाल जो बाइक पर कालीसिंध नदी वाले रोड पर श्मसान के पास था, उसे दो नाबालिग व सुमित बागले ने रोका रखा था। विजय के हाथ में चाकू व दोनों नाबालिग लाठियां लिए थे। आरोपी विजय ने जसपाल के पेट में चाकू मार दिया। जिससे जसपाल गिर गया। दो नाबालिग जो हाथ में लाठियां लिए हुए। उन्होंने जसपाल को डंडों से मारा। वरुण सिया और उसका एक और साथी भी आ गए। इन दोनों के हाथ में भी डंडे थे, दोनों ने भी जसपाल को डंडों से मारा। संजू माली ने बीच बचाव किया, तो इन लोगो ने माली को भी डंडों से मारा। मैं चिल्लाया तो यशराज चौहान भी वहां आ गया। मेरी आवाज सुनकर पांचों आरोपी वहां से भाग गए। हर्षराज सिंह बघेल ने बताया कि भाई जसपाल और संजू माली को यशराज चौहान के साथ सोनकच्छ अस्पताल लेकर आए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार कर घायल जसपाल को देवास रेफर किया गया। स्थिति गंभीर होने से इंदौर एमवाय भेजा जहां उपचार के दौरान उसकी देर रात मौत हो गई।
पांचों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले तत्परता दिखाते हुए आरोपी विजय मालवीय, वरुण सिया व तीन नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को परिवार व सामाजिक लोगों ने शव के साथ थाने का घेराव करते हुए साजिशकर्ताओं के नाम लिखवाने के लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते एसडीओपी पीएन गोयल, तहसीलदार मनीष जैन के दल बल के साथ मौजूद थे। इसके अलावा टीआई नीता देअरवाल, टीआई हितेश पाटिल व टीआई सीएल कटारे को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया। एसडीओपी गोयल ने परिजनों को समझाइश देते हुए उनकी मांगों को विवेचना में शामिल करने का आश्वासन दिया। 30 मिनट चले प्रदर्शन के बाद परिजन माने व अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।

