13 साल की नन्हीं बालिका धृति राजवैध की चित्रकला में बेहद रूचि है। बाल मनुहार पर पिता योगेन्द्र राजवैध ने बेटी को चित्रकला की सामग्री दिलाई। जिससे धृति की खुशी का ठिकाना नही था। मार्केटिंग कंपनी में कार्यरत पिता हर रोज की तरह काम पर चले गये। वहीं देर शाम लौटे तो देखा कि धृति ने महज कुछ घंटो की मेहनत से संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर का चित्र बनाया है। धृति ने बाबा साहब का एक अन्य चित्र को सामने रखकर अपनी कला को मूर्तरूप दिया है। बालिका के प्रारंभिक प्रयास चित्रकला के प्रति उसकी गहरी रूचि को दर्शाता है। धृति की चित्रकला में ओर अधिक निखार आयें, इस उद्देश्य से धृति के माता-पिता उसे ड्राइंग क्लास से जोड़ने जा रहे हैं।
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