
गणेश पांडे, भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट संस्कृति वन खजुराहो में स्थापत्य कला की थीम पर बनाया जाएगा। यानि खजुराहो के 17 एकड़ में शैव, विष्णु और जैन मंदिरों की वास्तुशिल्प को समर्पित विरासत वन का आकार लेगा। एनवायरमेंट प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन संगठन एप्को की मदद से वन विभाग ने डीपीआर तैयार की है। इस पर करीब 12 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। बजट के लिए प्रस्ताव प्रदूषण निवारण मंडल को भेजा गया है। इसे 10 साल में कंप्लीट किए जाना है। खजूर के बगीचे के नाम पर पड़े खजुराहो अपने राजसी मंदिरों और विस्तृत मूर्तियों के लिए जाना जाता है। भविष्य में संस्कृति वन के लिए भी पहचाना जाएगा। 17 एकड़ में प्रस्तावित संस्कृति वन में खजुराहो मंदिर के साथ-साथ कंदरिया महादेव और देवी जगदंबिका सहित 25 उन मंदिरों की भी झलक दिखाई देगी, जो वर्ग किलोमीटर में बसे हैं. संस्कृति वन के लिए साइट सिलेक्शन कर प्रारंभिक कार्य की शुरुआत हो चुकी है। इसमें बच्चों, बुजुर्ग और नेचर लवर के लिए विशेष इंतजाम होंगे। 17 एकड़ में बनने वाले इस वन में आध्यात्मिक वन, नक्षत्र वन, राशि वन, विरासत वन, आरोग्य वन, लक्ष्मी वन तीर्थाटन वन और गोकुल वन भी आकार लेंगे। विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को खजुराहो में संस्कृति वन के शिलान्यास की तैयारी है।
क्या होंगे मुख्य आकर्षण के केंद्र
मेडिटेशन जोन, ओपन थिएटर, इंटरप्रिटेशन सेंटर, फूड कोर्ट, वर्टिकल गार्डन, बंबू प्लांटेशन, बफर प्लांटेशन, भीमकुंड , पैगोडा, प्ले जोन, आकर्षक इंट्रेंस गेट।
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