खातेगाव। शाला के बेहतर बनाने और बच्चों की पढाई की अच्छी व्यवस्था हो इसी निगरानी जिम्मेदारी शाला में पढ रहे बच्चों के माता पिता से बढ़कर कौन ले सकता है। इसी बात को ध्यान रखकर शिक्षा अधिकार अधिनियम में शाला प्रबंधन के लिए समुदाय की सहभागिता के लिए प्रत्येक शाला में शाला प्रबंधन समिति का गठन किया गया है।
खातेगांव ब्लाक के 6 जनशिक्षा केन्द्र के 48 शालाओं शाला प्रबंधन समिति के साथ समावेश द्वारा विभा फाउंडेशन के सहयोग से शिक्षा के मुद्दों पर काम किया गया। शाला प्रबंधन समिति के साथ स्कूल एवं जनशिक्षा केन्द्र केन्द्र स्तर पर मीटिंग व प्रशिक्षण और शालाओं में पालक शिक्षक मीटिंग की गई।
समावेश से योगेश मालवीया ने बताया कि 32 शालाओं के शाला के प्रबंधन समिति के 40अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सहयोग हेतु सम्मानित किया जा रहा है। शाला प्रबंधन समिति को शिक्षक व पंचायत के सहयोग से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जा रहा है। शाला प्रबंधन समिति द्वारा उनकी भूमिका व जिम्मेदारी को देखते हुए शिक्षक के साथ स्कूल में अनियमित बच्चों को नियमित करना, शिक्षा के मुद्दों पर शिक्षक व पालक से बातचीत और स्कूल से जुड़ी समस्याओं को ग्राम सभा में रखकर पंचायत के माध्यम निराकरण किया कर सहयोग किया गया।
48 शालाओं की शाला प्रबंधन समिति के साथ शिक्षा पहल कार्यक्रम की टीम में शाकिर पठान, योगेश मालवीया, फिरोज , ओमप्रकाश, नोशाद , सुनिल ,हरिओम यादव, विकास , राकेश , हरिओम, जितेन्द्र,के.डी. बेनर्जी द्वारा शाला स्तर पर सहयोग किया गया समावेश द्वारा शाला प्रबंधन समिति को शिक्षा का अधिकार अनियम, बालअधिकार, शाला प्रबंधन समिति के भूमिका से जुड़ी पुस्तके और शाला विजिट कर क्षमता बढ़ाई गई
जनपद शिक्षा समिति के अध्यक्ष मनीष पटेल ने बताया कि शाला को बेहतर बनाने में शाला प्रबंधन समिति का महत्वपूर्ण योगदान है। इस समिति के माध्यम से हर दो साल में शाला विकास योजना को ग्राम सभा में अनुमोदित कर पंचायत के माध्यम से शिक्षा और आर्दश शाला बनाने में अहम भूमिका है।
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