मूंग सिंचाई के लिए अंतिम छोर तक पहुंचा नहर का पानी

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अनोखा तीर, हरदा। ग्रीष्मकालीन मूंग की सिंचाई के लिए जिले में 179 ग्रामों में लगभग 37760 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सिंचाई कार्य प्रगति पर है। कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग डीके सिंह ने बताया कि 11 अप्रैल तक 179 ग्रामों में 25910 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध करा दिया गया है। शेष रहे क्षेत्र के लिए विभाग द्वारा शीघ्र ही पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि जिले के अंतर्गत समस्त प्रमुख उपशाखा एवं शाखाओं के अंतिम छोर पर पानी पहुंच चुका है। प्रथम सिंचाई कार्य अंतिम चरण में है जो कि शीघ्र ही पूर्ण हो जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि ग्रीष्मकालीन मूंग सिंचाई का प्रस्तावित रकवा विगत रबी सिंचाई के रकबे से 35 प्रतिशत ही घोषित किया गया है। अत: नहरों में बांध से 90 से 95 प्रतिशत पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जो कि पर्याप्त है। उपलब्ध पानी से समस्त नहरों में सिंचाई की कोई गंभीर समस्या नहीं आ रही है। सभी किसान भाई धीरज रखें, विभाग द्वारा उपरी क्षेत्र में पानी उपलब्ध करा दिया गया है। सोनतलाई उपनहर के प्रस्तावित क्षेत्र के अंतिम छोर पर भी शीघ्र पानी उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा प्रयास किए जा रहे है, उन्हे भी शीघ्र पानी उपलब्ध हो जावेगा। हंडिया शाखा नहर की समस्त उपशाखाओं के अंतिम छोर के कृषकों को भी पानी उपलब्ध हो गया है एवं शेष रहे कृषकों को शीघ्र पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होने बताया कि कृषक संगठनों द्वारा विभिन्न तकनीकी पहलू जैसे वाष्पीकरण, पंप एवं सायफन द्वारा ली जा रही पानी की मात्रा, कच्ची नहरों का सिपेज लासेस को नजरअंदाज कर संपूर्ण डिजाईन डिस्चार्ज एवं वाटर लेवल को प्रचारित कर पानी की मांग की जा रही है, जिससे किसान भ्रमित हो रहे है एवं असंतोष व्याप्त हो रहा है। श्री सिंह ने जिले के समस्त किसानों से अनुरोध किया है कि वे विभाग का सहयोग कर अपना सिंचाई कार्य सुगमतापूर्वक जारी रखे एवं अंतिम छोर के कृषकों से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में पंप सिंचाई की अनुमति प्राप्त कर पंप द्वारा सिंचाई कार्य पूर्ण करें। कई कृषकों द्वारा कुलावों पर हेडअप लगाकर पानी रोका जा रहा है जो नियमानुसार सही नहीं है। ऐसे कृषक डीजल पंप से सिंचाई कार्य पूर्ण कर लेवें। बांध से लगातार जल स्तर कम होने से नहरों में पानी का वेग भी कम हो रहा है एवं जल की उपलब्धता भी प्रभावित होती है। वर्तमान जल की उपलब्धता को रबी सिंचाई में प्राप्त जल की उपलब्धता से तुलना न करें। नहरों में पर्याप्त जल उपलब्ध कराये जाने हेतु आवश्यक ओसराबंदी कर जल का स्तर बढाया जा रहा है। नहरों में पानी रात-दिन चल रहा है, रात में पानी व्यर्थ न बहायें एवं अपना सिंचाई कार्य रात में भी जारी रखे। किसान भाई विभाग का सहयोग करते हुए अपना सिंचाई कार्य पूरा होने के बाद अपना कुलाबा तुरंत बंद कर दें, ताकि आगे के किसानो के लिए पानी उपलब्ध हो सके।

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