अनोखा तीर, बड़वाह। समीपस्थ ग्राम अग्रवाड़ा में एक 77 वर्षीय कलयुगी पिता ने अपने ही 40 वर्षीय जवान बेटे पर चाकू से हमला कर उसे मौत के घाट उतरा दिया। जिसके बाद पीड़ित मां ने अपने बेटे की मौत के बाद अपने पति के खिलाफ बड़वाह थाने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई। हालांकि हत्या के बाद खून से सने कपड़ों में ही पिता काफी दूर पैदल चलकर बड़वाह पुलिस थाने पहुंचा। तो वहीं बेटे ने बड़वाह के सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। घटना नगर से करीब 5 किमी दूर ग्राम आगरवाड़ा की है। जहां बुधवार दोपहर करीब 11.30 बजे ग्राम के ही छतरसिंह पिता हीरालाल का अपने बेटे राकेश से विवाद हुआ। इसी बीच छतरसिंह ने धारदार चाकू राकेश के पेट में घोप दिया। घर में मौजूद छतरसिंह की पत्नी ने इस घटना के बाद पड़ोसियों को आवाज लगाई। जबकि छतरसिंह मौके से चला गया। गंभीर रूप से घायल राकेश को ग्रामीण सिविल अस्पताल लेकर आए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के चलते राकेश ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद बड़वाह थाने पहुंचे छतरसिंह को पुलिस उपचार के लिए अस्पताल लेकर आई। यहां उसे भी हाथ, गर्दन पर कट के निशान होने के साथ चेहरे पर भी काफी सूजन दिखाई दी। हत्या के बाद अपने बेटे को खो चुकी बुजुर्ग माँ ने पुलिस थाने में अपने पति के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कराया है। जबकि अपने बेटे की हत्या करने वाले पिता को अपने किए का कोई अफसोस नजर नहीं आया। चिकित्सकों के मुताबिक चाकू पेट के ठीक ऊपर बीच वाले हिस्से में लगा है। लेकिन वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगी। घटना के बाद थाना प्रभारी जगदीश गोयल भी दलबल के साथ ग्राम आगरवाडा स्थित घटना स्थल पर पहुंचे।
पत्नी पर चरित्र शंका करता था पति छतरसिंह
पीड़ित महिला ने रिपोर्ट में बताया कि मेरा पति छतर सिंह मेरे चरित्र पर शंका करता है। इस बात को लेकर पूर्व में भी कई बार विवाद हुआ था। वहीं आज भी इसी विवाद के कारण मेरे बेटे की हत्या हुई है। जबकि विवाद-घटना के बाद अस्पताल में छतरसिंह ने भी बताया की वह अपनी पत्नी पर शंका करता था। इसी बात को लेकर बुधवार सुबह हम दोनों के बीच विवाद हो रहा था। तभी राकेश वहां आ गया। उसने माँ से विवाद नहीं करने के लिए मुझे समझाया तो छतरसिंह नहीं माना। दोनों के बीच की बहस मारपीट में तब्दील हो गई। दोनों ने एक दूसरे के साथ पहले हाथापाई की। उसके बाद मौका पाकर छतरसिंह ने उसके पलंग की गादी के नीचे रखा चाकू लाकर राकेश के पेट में घोंप दिया। पुलिस के मुताबिक छतरसिंह सोते समय चाकू अपने बिस्तर के तकिए के नीचे ही रखकर सोता था।
बेटे की हत्या का पिता को कोई अफसोस नहीं
अपने बेटे की हत्या का छतरसिंह को कोई अफसोस नहीं है। उसने अस्पताल में मीडियाकर्मियों के सामने ही अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि मैं पिछले 10 साल से परेशान था। रोज शराब पीकर मुझे मारने की धमकी देता था। मैं उसे नहीं मारता तो वो मेरी हत्या कर देता। वो मेरे साथ ही रहता था, खाना भी खाता था, लेकिन मारता भी था, अत्यधिक शराब पीता था। मैं कब तक बर्दाश्त करता। सुबह भी मैं अपनी पत्नी को समझा रहा था। लेकिन वह बीच में आ गया। पहले मुझे उसने मारा, चाकू से वार किया फिर मैंने अपने बेटे को चाकू से मार डाला। छतरसिंह के मुताबिक वह अपनी पत्नी को भी बहुत गालियां बकता था। यही कारण कि उसकी पत्नी भी काफी समय से उसके साथ नहीं रह रही थी। उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद छतर सिंह की पत्नी कुसुम बाई ने बड़वाह पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। हालांकि कुसुमबाई ने अपने पति से अलग बात कही है। कुसुमबाई ने बताया कि छतरसिंह मुझ पर शंका करता था। सुबह भी जब विवाद हो रहा था तो मेरे बेटे राकेश ने खिड़की से झांककर मुझे खुद के घर आने के लिए कहा। जब वह दरवाजा खोल के अंदर दाखिल हो रहा था, तो छतर सिंह दरवाजे के पीछे छुप गया। जैसे ही राकेश दरवाजे से अंदर आया, उसने उसे चाकू घोंप दिया। फिलहाल पुलिस इस घटना की जांच करने के साथ ही बुजुर्ग का इलाज शासकीय अस्पताल में करवा रही है।
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