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Thursday, 22 October 2026
हरदा

क्षेत्र के लिए कुछ कर दिखाऊं, यही मेरा संकल्प : अवनि

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साक्षात्कार….
– भारत जोड़ो यात्री ने क्षेत्र में बढ़ाई सक्रियता
– गांव-गांव जाकर ग्रामीणों ने कर रही संवाद
अनोखा तीर, हरदा। दुनिया के सबसे अच्छे विश्वविद्यालयों में ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा पूरी करने के बाद हरदा की बेटी अवनि बंसल क्षेत्र के गांव-गांव जाकर जन संवाद कायम कर रही है। ग्रामीणों के बीच पहुंचकर मूलभूत सुविधाओं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से जुड़े मुद्दे पर उनकी राय जान रही हैं। इतना ही नही, शिक्षित व जागरूकों नागरिकों से जिले के अपेक्षित विकास को लेकर रूबरू हो रही हैं। विकास तथा जन अधिकार की दृष्टि से उन्हें ऐसा कुछ आभास भी हुआ। जिसके चलते क्षेत्र में उन्होंनें अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इन सब बातों को लेकर दैनिक अनोखा तीर ने सुश्री अवनि बंसल से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंनें खुलकर अपनी बात रखी। अवनि ने कहा कि मेरे परदादा नर्मदाप्रसाद रामेश्वरदास अग्रवाल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जो 1932 में अंग्रेजों के खिलाफ एक डाकघर में विरोध-प्रदर्शन के चलते 4 महीने तक जेल में रहे। वहीं मेरे पिता ने मुझे कानून की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया, ताकि मैं दूसरों के अधिकारों के लिए लड़ सकूं। अपने लोगों की आवाज बनूं तथा अपनी जन्मभूमि का ऋण अदा करूं। इसीलिये, हरदा में काम करना चुना है। क्योंकि मुझे विश्वास है कि यहीं पर मैं सबसे ज्यादा बदलाव ला सकती हूं। यहां बताना होगा कि सुश्री अवनि बंसल हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा का हिस्सा रहीं। कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल यात्रा कर एक नया अनुभव हासिल किया है। इसी यात्रा में राहुल गांधी का संदेश कि बिना किसी से डरे , बिना किसी का पक्ष लिए सच्चाई के लिए लडऩा है। बस यहीं से सुश्री बंसल ने अपना क्षेत्र अपनी जन्मभूमि के लिए कुछ कर दिखाने की ठानी है।

सवाल : हरदा में क्या संभावनाएं दिखीं ?
1998 से अभी तक हरदा में केवल वर्ष 2013-18 के बीच एक कार्यकाल को छोड़कर क्या पिछले 25 वर्षों में हरदा का अपेक्षित विकास हुआ है ? हरदा में पॉलिटेक्निक कॉलेज 60 साल पहले खुला था। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बुनियादी ढांचे में कोई सुधार नहीं हुआ है। जबकि कृषि प्रधान जिले में विकास कार्यो की अपार संभावनायें हैं।
सवाल : हरदा में पहले से कोई बदलाव ?
क्षेत्र का किसान, नौजवान और आदिवासी तथा व्यापारी समुदाय की स्थिति में भी कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। किसानों की आर्थिक स्थिति जस की तस है। जबकि आय दोगुना करने का वादा किया था। यहां भय और भ्रष्टाचार की हवा देखी है। जिसके कारण हम अपनी विकास गाथा में आगे की बजाय पीछे जा रहे हैं।
सवाल : क्षेत्र के लिये आप क्या करना चाहेंगी ?
हरदा एक अवसर का हकदार है, बाकी दुनिया के साथ बढऩे और विकसित होने का अवसर हमारे युवा बेहतर शिक्षा, बेहतर रोजगार के हकदार हैं। हमारे किसान अपने कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य के हकदार हैं। हमारी महिलाएं सुरक्षा और स्वास्थ्य की हकदार हैं। इन सब मुद्दों पर संतोषजनक परिणाम नही दिखे हैं।
सवाल : ग्राम विकास को लेकर आपकी राय ?
हमारे गांव बेहतर कनेक्टिविटी के हकदार हैं। मंचों से ग्राम विकास की बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है। परंतु उनका जमीनी क्रियान्वयन कैसा है, इस बात का फीडबैक जरूरी है। गांव के विकास की रूपरेखा गांव में बननी चाहिए। वहीं गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए जाने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
सवाल : क्षेत्र के लिए आपकी प्राथमिकता ?
हमें चाहिए सरकारी स्कूल की दशा में सुधार, एक केंद्रीय विद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय, खिरकिया में ओवरब्रिज तथा स्टेडियम का निर्माण। जिला व ब्लाक स्तर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ, इंडिया में उन लोगों के लिए समान अवसर जिनकी आजीविका नर्मदा नदी पर निर्भर करती है। इन सबके अलावा भी अन्य प्राथमिकताएं हैं। जिसके लिए मैं पूरी तैयार हूं । जनता की आवाज को उचित फोरम तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

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