अनोखा तीर, हरदा। जिले में आसक्षर महिला एवं पुरूषों को साक्षर करने का अभियान जारी है। जिसके माध्यम से बेसिक शिक्षा हासिल करने के लिये बड़े-बुजर्गो सहित ऐसे युवा बढ़-चढ़कर हिस्स ले रहे हैं, जो किन्हीं कारणें से शिक्षा की मुख्य धारा से अलग हो गए थे। ऐसे लोगों के लिये साक्षरता अभियान मील का पत्थर साबित होगा। असाक्षर से साक्षर होकर लोग स्वयं के आवश्यक कार्यो को सरलता से पूर्ण कर सकेंगे। शिक्षक मुकेश शर्मा ने बताया कि आगामी 1 अप्रैल असाक्षरों का नवीन सत्र प्रारंभ हो रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा जिले में चिन्हित 1 लाख 18 हजार असाक्षर लोगों में से 5810 नवसाक्षर को मूलभूत एवं संख्यात्मक मूल्यांकन परीक्षा में सम्मिलित कराने का लक्ष्य मिला था। जिसके तहत रविवार को मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन हुआ। जो कि सुबह 10 बजे से प्रारंभ होकर शाम 5 बजे तक चली। इस दौरान हरदा विकासखंड में लक्ष्य 2 हजार मेें से करीब 19 सौ नवसाक्षर परीक्षा में शामिल हुए। वहीं खिरकिया विकासखंड में लक्ष्य 2500 में से 2415 नवसाक्षरों ने परीक्षा में आमद दी। इसी तरह टिमरनी विकासखंड में 1310 नवसाक्षरों में से ८८४ ने परीक्षा दी। लक्ष्य के विरूद्ध इतने परीक्षार्थियों की उपस्थिति ये दर्शाती है कि असाक्षरों का साक्षरता के प्रति उत्साह है। श्री शर्मा ने बताया कि नवभारत साक्षरता 2011 की जनगणना के अनुसार हरदा जिले में लगभग 1 लाख 30 हजार असाक्षरों की संख्या है। जिसमें से वर्ष 2012 से 18 के बीच 15 हजार 555 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के अनुसार अब भी 1 लाख 18 हजार असाक्षरों की संख्या है। इसको प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र, शाला प्रभारियों तथा अक्षर साथियों ने चिन्हित किया है। उन्होंनें यह भी बताया कि नवभारत साक्षरता अभियान वर्ष 2027 तक चलेगा। इस अवधि में संपूर्ण प्रदेश को साक्षर करने का लक्ष्य रखा है। उस दिशा में जिला शिक्षा केन्द्र सार्थक प्रयास कर रहा है।

