अनोखा तीर, हरदा। गत शनिवार को जिला कलेक्टर ऋषि गर्ग की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आगामी दिनों ग्रीष्मकाल में आने वाली चुनौतियों और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था के संबंध में रणनीति बनाई गई। इस दौरान जिले के वनमंडलाधिकारी अंकित पांडे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित सिसोनिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री रंजन कुमार ठाकुर तथा हरदा, टिमरनी एवं खिरकिया जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के उपयंत्री उपस्थित थे।
149 गांवों को चिन्हित किया
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री ठाकुर ने बताया कि इस बार गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा 149 गांवों को चिन्हित किया है। यहां के हैंडपंपों में आवश्यकता अनुसार 3550 मीटर पाईप बढ़ाए जाएंगे। वहीं भूजल स्तर से प्रभावित गांवों में 109 सिंगल फेस मोटर लगाए जाने हैं। इसके अतिरिक्त जिले में 62 नलकूप खनन किया जाएगा। इससे गांवों में जल परिवहन की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। बैठक में जिला कलेक्टर ने नए प्रायवेट नलकूप खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कम आवक क्षमता वाले जलस्रोतों के संरक्षण संरचना बनाने का भी निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने 80 से 90 प्रतिशत कार्य हो चुकी सभी नल-जल योजनाओं को 31 मार्च तक पूर्ण करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें विलंब होने पर संबंधित ठेकेदारों पर पैनाल्टी लगाएं। वहीं अत्यधिक देरी करने वाले ठेकेदारों को नोटिस देकर काली सूची में डाला जाए। इसके अलावा प्रत्येक ग्राम की समीक्षा कर अलग-अलग टीप तैयार करें।

