वाई-फाई की छत्री लगाकर पेंशन और आवास के भुगतान में सहयोगी हुई
खरगोन- डिजिटल लेन-देन से भले ही बैंक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। लेकिन ऐसे क्षेत्र जहां नेटवर्क ही नहीं पहुँचा हो वहां ऐसी सुविधा का अनुमान लगाना बहुत कठिन है। मगर ऐसी कठिनाई को दूर करने के लिए सिरवेल की 11वीं पास शिवानी वर्मा ने बहुत खूब तरीका अपना कर इंटरनेट के माध्यम से बैंक से संबंधित काम कर पा रही है। शिवानी नेट के माध्यम से बैंक के कार्य कर सुदूर पहाड़ी क्षेत्र में बैंक का पर्याय बनी है। दो वर्ष पूर्व मजदूरी और सिलाई करने वाली शिवानी आज प्रतिदिन लगभग 30 से 40 लोगों को बैंक सहायता प्रदान कर रही है। किसी खास दिन में तो इनके घर बैंक की तरह भीड़ लग जाती है। प्रतिदिन वो 50 हजार से 1 लाख रुपये तक का ट्रांजेक्शन आसानी से करने में सक्षम है।
छत्री से मोबाइल और डिवाइस के सहारे सुविधा मिली
शिवानी बताती है कि नेटवर्क के लिए उन्होंने घर पर वाई-फाई छत्री लगाई है। यह छत्री इंटरनेट के जरिए काम करने की सुविधा दे रही है। कॉलिंग करना संभव नहीं लेकिन व्हाट्सअप पर वॉईस कॉलिंग के द्वारा बातचीत भी कर पा रहे हैं। जो किसी समय अच्छी स्पीड प्रदान करता है। छत्री से इंटरनेट कभी अच्छी स्पीड के साथ तो कभी स्लो रहता है। मोबाइल से फिंगर डिवाइस से बैंक के काम करने में आसानी हो जाती है। उनके पास पेंशन और पीएम आवास योजनाओं के अलावा मनरेगा के मजदूर राशि के नकदीकरण के लिए अक्सर सहयोग मांगते है। अब शिवानी इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए लेपटॉप और प्रिंटर जैसी सुविधाएं लेने के लिए अग्रसर हो गई है। वो चाहती है कि इस कार्य से कई लोगो की सेवा का अवसर मिलने लगा है। इसलिए इसका विस्तार जरूरी है।

