Skip to content
Thursday, 22 October 2026
देवास

एसएनसीयू में 21 दिन उपचार के बाद स्वस्थ हुआ गंभीर अवस्था में जन्मा नवजात

2 min read
Text Size:

माता-पिता शासकीय अस्‍तपालों में इतनी अच्‍छी सुविधाएं नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराने पर मुख्‍यमंत्री श्री चौहान को दे रहे है धन्‍यवाद

देवास, देवास जिले के बालगढ निवासी श्रीमती श्रृद्धा पति श्री शुभम गर्भवती महिला की सिजेरियन डिलेवरी निजी अस्पताल में 8 फरवरी को हुई जिसमें बालक का जन्म हुआ, जन्म के समय नवजात शिशु रोया नहीं, वजन भी बहुत कम था। चिकित्सकीय जांच मे जन्म के समय बेबी कमजोर व गंभीर अवस्था में होने के कारण जिला अस्पताल देवास के एस.एन.सी.यू. (नवजात गहन देखभाल इकाई) मे भर्ती किया गया 21 दिन उपचार के पश्चात नवजात स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया।

     एसएनसीयू/एस.एन.सी.यू. (नवजात गहन देखभाल इकाई) प्रभारी डॉ वैशाली निगम ने बताया कि जन्म के समय बेबी कमजोर व गंभीर अवस्था में होने के कारण नवजात मे अनेक काम्पलिकेशन रहे। भर्ती के समय ठीक से सांस नही ले पा रहा था एवं धडकन भी बहुत कम हो रही थी। तुरन्त रिससिटेशन और सीपेप पर रखा गया, क्योकि कम समय में जन्म हुआ था इसलिए फेफडे भी काम नही कर रहे थे। शिशु को 02 सर्फेटेंट इंजेक्शन लगाये गये जो कि प्रायवेट मेा लगभग 10 हजार कि एक इंजेक्शन आती है, यहा निःशुल्क लगाया गया। नवजात को 15 दिन वैन्टीलेटर और सीपेप एवं ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर रखकर उपचार किया गया

     डॉ. वैशाली ने बताया कि नवजात को पूर्णतः स्वस्थ्य होने पर डिस्चार्ज किया गया। नवजात शिशु का निरन्तर समय-समय पर फॉलोअप किया जायेगा। माता-पिता और परिवारजन शासकीय अस्‍तपालों में इतनी अच्‍छी सुविधाएं नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराने पर मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को हृदय से धन्‍यवाद दे रहे है।

     डॉ. वैशाली ने बताया कि जिला चिकित्सालय देवास में नवजात गहन देखभाल इकाई में बीमार तथा समय से पहले जन्‍में नवजात शिशुओं की देखभाल की जाती है। नवजात के जीवन के पहले 28 दिनों को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओ के प्रसव उपरांत नवजात की जांच की जाती है। प्रीमिच्योर बेबी, कमजोर या किसी अन्य प्रकार की समस्या होने पर नवजात को तुरन्त एस.एन.सी.यू. मे भर्ती कर उचित उपचार दिया जाता है।

135 Views
What do you think?

Leave a Reply