पहाड़ी क्षेत्र से पलायन रोकने के लिए नंदन फलोद्यान और कपिलधारा की सफल कोशिश

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पलायन कर गन्ना काटने वाले युवा किसान अब अपने खेतों में संतरे तोड़ने में व्यस्त

पलायन करने वाले किसानों के लिए बनाया विशेष प्रोजेक्ट

खरगोन- नकड़ा, कुंवर सिंह, गुड्डा, राजू, आसाराम, हरदास, अनार सिंह, शंकर और रेवलसिंह ये उन युवा किसानों का जत्था है। जो अक्सर महाराष्ट्र में मजदूरी के लिए अपने साथ और भी कई किसानों को ले जाया करते थे। लेकिन अब ये युवा किसान महाराष्ट्र क्या किसी भी राज्य में पलायन नहीं कर रहे हैं। सचिव राकेश चौहान ने बताया कि ये सभी एक ही गांव पलोना के है। जो महाराष्ट्र राज्य की सीमा से लगा है, यहां के युवा पलायन कर खेतों में मजदूरी पर गन्ने कांटने का काम पीढ़ी से करते आये हैं। लेकिन पिछले 4 वर्षाें से वो अब महाराष्ट्र की ओर मजदूरी के लिए नहीं गए। जब उनसे नहीं जाने का कारण पूछा तो कहने लगे खेतों में ही इतना काम है और फसलों से भी अच्छी कमाई होने लगी है तो जाने की जरूरत ही महसूस नहीं होती।  उनको यह कमाई नंदनफलोद्यान और कपिलधारा कुप के माध्यम से हो रही है। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि नन्दनफलोद्यान और कपिलधारा कुप के माध्यम से स्थायी आजीविका देने का प्रयास किया गया। इसमें निंबूवर्गीय फलों के अलग-अलग क्लस्टर बनाएं जा रहे हैं। इससे किसानों को गांव में ही काम मिल जाएगा। इसी सोच के साथ प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। जिसमें 9 किसानों को फलोद्यान और 9 किसानों को कपिलधारा कुप प्रदान किए गए।

खेती से ही आमदनी अच्छी होने लगी है

सुदूर पहाड़ी अंचल झिरन्या जनपद में पलोना के 35 वर्षीय युवा किसान नकड़ा घुस्सा बताते हैं कि जब (2020-21) से उनके खेतों में अधिकारियों ने संतरे का बगीचा लगाया है। तब से पौधों की देखरेख में ही दिन गुजर जाते हैं। अब तो पिछले साल से संतरे भी लगने शुरू हो गए हैं। पहली फसल से पलोना गांव के नकड़ा सहित अन्य युवा के किसानों को अपने खेत से ही अच्छी आमदनी शुरू हो गई है। नकड़ा ने अपने खेत से महाराष्ट्र और स्थानीय खरगोन के व्यापारियों को ही संतरे बेंच कर 70 हजार और फिर 1.50 लाख रुपये नकद मिले। ऐसी कमाई अकेले नकड़ा को ही नहीं और भी 8 युवाओं को हुई है। 3 एचपी के सोलर पैनल के सहारे संतरे की सिंचाई करने वाले नकड़ा ने बताया कि व्यापारी खुद उनके खेतों तक आकर संतरे खरीद रहे हैं। ये संतरे के पौधे उन्हें वर्ष 2020-21 में नन्दनफलोद्यान के अंतर्गत जनपद द्वारा प्रदान किये गए हैं। नकड़ा को 400 पौधे और अन्य किसानों को भी 400 से 1000 पौधे भी प्रदान किये हैं। नकड़ा सोलर पैनल के सहारे संतरे के बगीचे की सिंचाई कर रहे हैं। ये सोलर पैनल भी उन्हें मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना में मात्र 36 हजार रुपये में मिला था। इससे वे 2 एचपी की मोटर चला रहे हैं। नकड़ा की तरह और भी किसान है जो अनपढ़ है और शासन से थोड़ा सा सहयोग मिलने के बाद उन्नत खेती की दिशा में बढ़ रहे हैं।

उद्यान से उत्थान की है योजना

पलोना गांव से पलायन करने वाले युवा किसानों का चयन कर 9 किसानों को कुल 23.659 लाख रूपये के फलोद्यान और 9 किसानों को 21.4262 लाख रूपये के कपिलधारा कुप प्रदान किए गए थे। इसमें 3.87 लाख रूपये के तीन, 1.4137 चार और 1.4437 लाख रूपये के दो नंदन फलोद्यान तथा 2.48 लाख रूपये के पांच, 2.1 लाख के दो व 3.3462 लाख रूपये का एक कपिलधारा कुप प्रदान किया गया। मनरेगा आयुक्त सुफिया वली ने बताया कि शासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में उद्यान से उत्थान के तहत प्रोजेक्ट तैयार किए गए। अब ये प्रोजेक्ट सफल हो रहे हैं। इसका सीधा मुनाफा किसान ले रहे हैं।

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