Skip to content
Friday, 30 October 2026
बैतूल

तीर्थक्षेत्र पर आए संकट को लेकर आठनेर के जैन समाज ने अपने प्रतिष्ठान बंद रख किया विरोध

2 min read
Text Size:

आठनेर मुकेश सोनी

झारखंड प्रांत में स्थित जैन धर्म की सिद्ध भूमि श्री सम्मेद शिखरजी पर इन दिनों संकट छाया है हजारों वर्ष पुरानी सिद्ध भूमि को केंद्र और प्रदेश झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन स्थल घोषित किए जाने को लेकर पूरे प्रदेश के सकल जैन समाज में आक्रोश है प्रतिदिन देशभर का जैन समाज अलग-अलग माध्यमों से सरकार से मांग कर रहा है कि शिखर जी को सिद्ध भूमि ही रहने दे पर्यटक स्थल ना बनाएं इसी क्रम में आज आठनेर के जैन समाज के सभी जैन बंधुओं ने अपने अपने प्रतिष्ठान एवं सारे कार्य बंद कर एक ज्ञापन तहसीलदार बैदनाथ वासनिक के द्वारा देश के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री केंद्रीय पर्यावरण मंत्री एवं झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित ना करें का सभी समाज के लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया है समाज के अध्यक्ष देवेंद्र जी जैन ने बताया कि जैन धर्म के साधु-संतों के आव्हान पर पूरे देश के जैन समाज द्वारा यह निर्णय लिया गया कि 21 दिसंबर दिन बुधवार को सभी जैन समाज के लोग अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान ऑफिस कार्यालय बंद रखेंगे एवं सभी एकत्रित होकर मंदिरों एव जीना लयो में सभी एकत्रित होकर एक रैली के रूप में तहसील कार्यालय पहुंचकर सभी सामाजिक बंधुओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सोफा सकल जैन समाज के पदाधिकारियों ने एवं सामाजिक बंधुओं ने जिसमें महिला पुरुष बच्चे सभी ने एक रैली निकालकर जैन मंदिर आठनेर से मेन रोड होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचकर सभी ने इस तीर्थ स्थल को पर्यटक स्थल ना बनाने का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा इसमें नगर के जैन समाज की माता बहने एवं समाज के सभी लोगोने हस्ताक्षर कर ज्ञापन सौंपा जिसमें श्री शांतिनाथ जी जैन कुंतुनाथ जी जैन नेमिनाथ जी जैन जीवन लाल जी जैन समाज के अध्यक्ष देवेंद्र जी जैन मनोज जी जैन भूषण जी जैन निखिल जी जैन अखिल जीतू जी जैन राजा जैन अजयजी जैन रिंकू जी जैन उषा जैन त्रिशला जैनसुशीला जैन निर्मला जैन पुष्पा जैन नेहा जैन वर्षा जैन मेघा जैन खुशी जैन सुशीला जैन अर्चना जैन विजय वसंतराव जैन नरेंद्र जैन हेमंत जैन अरविंद जैन गणेश जैन धर्मेंद्र जैन सहित समाज के सभी माता बहनो ने एक होकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा एवं यह स्थल को पर्यटन स्थल घोषित ना करने की मांग की

193 Views
What do you think?

Leave a Reply