पवन उपाध्याय, कांटाफोड़। बागली विधानसभा के ग्राम बधावा में आज आदिवासी अंचल का प्रसिद्ध भगोरिया पर्व पूरे उत्साह, उमंग और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। गांव में आकर्षक मेला भी लगा, जहां दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-मांदल की थाप पर युवक-युवतियों ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया। भगोरिया पर्व कि शुरुआत विधायक मुरली भंवरा ने मांदल डोल पूजन कर समाज प्रमुखों को साफा बांध, गुलाल लगाकर मंडल अध्यक्ष सुनील पटेल ने सभी का सम्मान किया। मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, ग्रामीण उत्पादों और खान-पान की दुकानों पर भी लोगों की भारी भीड़ देखी गई। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के बीच पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाजसेवी लेपशिंग पंवार ने बताया कि भगोरिया पर्व आदिवासी संस्कृति, परंपरा और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। यह पर्व होली से पूर्व उल्लास और सामाजिक मेल-मिलाप का अवसर प्रदान करता है। वहीं समाजसेविका टिंकी बारेला ने भगोरिया को लेकर फैल रही अफवाहों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि इस पर्व में किसी प्रकार की शादी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि होली के आसपास आदिवासी समाज में विवाह नहीं किए जाते, इसलिए भगोरिया को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां पूरी तरह निराधार हैं। कुल मिलाकर बधावा ग्राम में मनाया गया भगोरिया पर्व आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपरा और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बना।
Views Today: 10
Total Views: 10

