ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग खरगोन जिले की सीमा पर स्थित है। अभी तक बड़ा रेलवे स्टेशन न होने से जिला रेल नक्शे से कटा हुआ था। ओंकारेश्वर रोड स्टेशन बनने से खरगोन भी अब ब्रॉडगेज नेटवर्क से जुड़ जाएगा। सिंहस्थ 2028 में इंदौर और उज्जैन में भीड़ होगी, तब खरगोनवासी ओंकारेश्वर होकर उज्जैन जा सकेंगे। जब महू-खंडवा पूरा रूट चालू होगा, तब खरगोन से महाकालेश्वर उज्जैन, र्त्यंबकेश्वर नासिक, शिरडी और काशी विश्वनाथ तक सीधी ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी। खरगोन के किसान और व्यापारी सनावद तथा ओंकारेश्वर से मालगाड़ियों के माध्यम से अपना माल मुंबई, दिल्ली और प्रयागराज तक भेज सकेंगे। इससे माल भाड़ा सस्ता पड़ेगा और नासिक, पुणे तथा गुजरात के बाजारों से सीधा जुड़ाव होगा। ओंकारेश्वर में ट्रेन से देशभर के यात्री आएंगे, जिससे खरगोन जिले के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। महेश्वर, मंडलेश्वर और ओंकारेश्वर एक-दूसरे से केवल 30 से 40 किमी की दूरी पर हैं। श्रद्धालु एक दिन अतिरिक्त रुककर खरगोन जिले के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। महू-सनावद के 71 किमी लंबे हिस्से को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद खरगोन से महू और इंदौर के लिए भी सीधी ट्रेन सुविधा मिलने लगेगी। यानी अगले एक-दो वर्षों में खरगोनवासियों के लिए आस्था के साथ-साथ आवाजाही भी आसान हो जाएगी।
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