जिले में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक विकसित किया जाए

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-स्मार्ट एग्रीकल्चर की पहचान बने हरदा जिला
अनोखा तीर, हरदा। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों को एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के क्षेत्र में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा है कि कृषि प्रधान हरदा जिले की पहचान स्मार्ट एग्रीकल्चर के रूप में होना चाहिए। मंगलवार को आयोजित कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा अन्य संबंधित विभागों की समन्वय बैठक में कलेक्टर ने जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विकास के क्षेत्र में सतत प्रयास करने की आवश्यकता जताई। उन्होने कहा कि रासायनिक खेती से कृषि भूमि को हो रहे नुकसानों के संबंध में कृषकों को जानकारी दी जाए। साथ ही अधिक से अधिक कृषकों को जैविक/प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाए। उन्होने कहा कि जिले में जैविक दूध उत्पादन की संभावनाएं भी तलाशी जाए। जैविक दुग्ध उत्पादक पशुपालकों की पृथक से दुग्ध सहकारी समिति गठित की जाए। सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में शतप्रतिशत 52 सहकारी समितियां कम्प्यूटराईज्ड हो चुकी हैं और अब ये समितियां ई-पैक्स के रूप में कार्य कर रही हैं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारी से जिले में उद्यानिकी के क्षेत्र में परिणाम मूलक कार्य करने की अपेक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उन्नत जिला उद्यानिकी में भी पीछे न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान उन्होने विभागीय योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।

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