-शिव-पार्वती स्वरूप रहे आकर्षण का केंद्र
अनोखा तीर, हंडिया। ऊंचान में आयोजित नौ कुंडात्मक शतचंडी महायज्ञ का आयोजन 19 जनवरी को विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: कलश यात्रा के साथ हुआ, जो नयापुरा से प्रारंभ होकर यज्ञ स्थल तक पहुँची। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन पारंपरिक पीले वस्त्र धारण कर श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सम्मिलित हुए। संपूर्ण कार्यक्रम महामंडलेश्वर मधुराज शास्त्री की देखरेख में संपन्न हुआ। कलश यात्रा की विशेष शोभा भगवान शिव एवं माता पार्वती के सजीव स्वरूप रहे, जिन्होंने श्रद्धालुओं को विशेष आकर्षित किया। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कलश यात्रा के उपरांत शिवशक्ति धाम ग्राम ऊंचान में बनारस से पधारे सात ब्राह्मण, जिनमें मुख्य रूप से आचार्य राहुल पांडे एवं विद्वान पंडितों के सान्निध्य में हवन-पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ की आहुतियाँ अर्पित की गईं। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में सहभागिता कर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। आयोजन के दौरान व्यवस्था पूर्णत: सुव्यवस्थित रही, जिसे आयोजन समिति द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किया गया। आसपास के ग्रामों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। यह धार्मिक आयोजन आस्था, संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का प्रेरणादायी उदाहरण बना। संपूर्ण जानकारी मीडिया प्रभारी संजोग व्यास द्वारा साझा की गई। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित संपन्न कराने में समिति के सदस्य संदीप शुक्ला, नेमीचंद विश्नोई, अमित दुबे, संतोष राजपूत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीण जनों ने भी इस धार्मिक अनुष्ठान में अपना संपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
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