-कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैला
अनोखा तीर, हरदा। नगर के खेडापति मंदिर के पास मुख्य मार्ग पर सोमवार सुबह संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ दिव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा के साथ हुआ। प्रात: 9 बजे प्रारंभ हुई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, बालिकाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कथा के मुख्य यजमान माखनलाल घागरे एवं भगत चंदेवा ने श्रीमद् रामायण को सिर पर धारण कर मंगल वातावरण में यात्रा का नेतृत्व किया। ढोल-नगाड़ों, डीजे, भजन-कीर्तन और मंगल ध्वनियों के बीच शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुँची। ‘जय श्रीरामÓ के उद्घोषों से पूरा मार्ग भक्तिमय हो उठा।
कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
कथा स्थल पर सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित हुए। कथा व्यास पं. विद्याधर उपाध्याय ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, धर्म और चरित्र की महत्ता पर आधारित संगीतमय कथा का वाचन प्रारंभ किया। उन्होंने हरि अनंत हरि कथा अनंता चौपाई के माध्यम से बताया कि भगवान की कथाएँ अनंत हैं और जो सत्संग व ईश्वर से प्रेम करता है, वही कथा सुनने का अधिकारी है। पंडित जी ने प्रवचन में गुरु के महत्व, ईश्वर-प्रेम, जीवन में धर्म के पालन, भोग और धन की तीन गतियों, तथा काम, क्रोध, लोभ जैसे आंतरिक शत्रुओं से बचने की सीख दी। कथा के दौरान संत, गुरु, ब्राह्मण, माता कौशल्या, राजा दशरथ, भरत, जनक, लक्ष्मण और हनुमान जी की वंदना का भावपूर्ण वर्णन किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अगुण सगुण दोनों एक ही ब्रह्म के स्वरूप हैं और रामचरितमानस का प्रारंभ संवत 1631, चैत्र सुदी नवमी, मंगलवार से माना जाता है।
कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक आयोजित की जा रही है। आज प्रथम दिवस पर प्रस्तुत किए गए प्रसंगों और बीच-बीच में गाए गए भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा परिसर भक्तिरस से सराबोर रहा। कथा की पूर्णाहुति 25 जनवरी को हवन, पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण के साथ होगी। कथा व्यास पंडित उपाध्याय ने बताया कि आज के प्रसंग में भगवान शिव के चरित्र का वर्णन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित होने की संभावना है। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर संगीतमय श्रीराम कथा का लाभ लेने की अपील की है।

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