अनोखा तीर, हंडिया। नर्मदांचल क्षेत्र में लंबे समय से अवैध मिट्टी खुदाई और ईंट भट्टों के संचालन से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। नर्मदा नदी के किनारे भूमि लीज पर लेकर ईंट व्यावसायियों द्वारा खुलेआम अवैध ईंट भट्टे संचालित किए जा रहे हैं, जहां सैकड़ों डंपर मिट्टी का खनन कर ईंट भट्टों पर बड़े-बड़े मिट्टी के पहाड़ बना दिए गए हैं। इससे क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार नर्मदा किनारे जेसीबी मशीनों से लंबे समय से मिट्टी की खुदाई की जा रही है, जिससे नदी के आसपास का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने की कगार पर पहुंच गया है। इसके बावजूद अब तक न तो एनजीटी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही खनिज एवं राजस्व विभाग की ओर से प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इसका दुष्प्रभाव आसपास के रहवासी क्षेत्रों पर पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक नर्मदा किनारे अवैध ईंट भट्टों पर सैकड़ों डंपर मिट्टी का अवैध भंडारण किया गया है और खनिज अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विमलेश्वर शिवआश्रम एवं सड़क मार्ग के समीप ही खुलेआम ईंटों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते शासन और प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों ने अवैध मिट्टी खनन और ईंट भट्टों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।


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