जन क्रांति की भड़की चिंगारी, ऐतिहासिक रहा न्याय आंदोलन

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-प्रशासन ने एक मांग मानी
-लाठीचार्ज के आरोपियों को हटाया, होगी मजिस्ट्रियल जांच
-राजनीतिक दल बनाएगी करणी सेना
-आरक्षण सहित अन्य मांगों के लिए घेरेंगे करणी सैनिक दिल्ली
अनोखा तीर, हरदा। विभिन्न सामाजिक संगठनों के समर्थन और पूरे देश से जुटे करणी सेना के लोगों ने आज हरदा के नेहरू स्टेडियम ग्राउंड में ऐतिहासिक जन क्रांति न्याय आंदोलन किया। अन्याय के खिलाफ न्याय की इस लड़ाई में पहली बार हरदा की जनता ने इतनी भीड़ देखी। जितनी भीड़ स्टेडियम के अंदर थी, उससे कहीं अधिक भीड़  हरदा की सड़कों पर भी दिखाई दे रही थी। शांतिपूर्ण ढंग से किए गए इस आंदोलन में पहली बार ऐसा लगा कि बिना शासन-प्रशासन की मदद के भी इतनी भीड़ आ सकती थी। आए इस जनसैलाब की आंखों में १२-१३ जुलाई को हुए अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज का रोष था। इस आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार करणी सेना के अध्यक्ष जीवनसिंह शेरपुर और जिलाध्यक्ष सुनीलसिंह राजपूत ने सभी समाजों के सहयोग के कारण आने वाले हजारों लोगों के लिए खाने-पीने से लेकर ठहरने तक की माकूल व्यवस्था की थी। देर शाम तक २१ सूत्रीय मांगों को लेकर चले आंदोलन में प्रशासन ने एसआई अनिल गुर्जर, एसआई रिपुदमन, हवलदार तुषार धनगर, संजीव चौहान, ललित गौड़ को हटाकर न्यायिक जांच के आदेश जारी किए हैं। वहीं अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, जीवन सिंह शेरपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनैतिक दल बनाने की घोषणा की। वहीं अपनी अन्य २० मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने की बात कही है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि भोपाल घेरने से कोई मतलब नहीं है, वहां तो पर्ची वाला सीएम बैठा है, अब हम इनके आकाओं को घेरेंगे। दो साल पहले करणी सेना ने रामलीला का मैदान भरा था, अब दस गुना से अधिक लोगों को लेकर दिल्ली कूच करेंगे और यह हमारी आर-पार की लड़ाई होगी। वहीं जीवनसिंह शेरपुर ने कहा कि प्रशासन ने सिर्फ हमारी एक मांग को माना है। पहले भी प्रशासन ने भोपाल में झूठे वादे कर हमारा आंदोलन समाप्त किया था। लेकिन हम न तो अब भाजपा पर विश्वास करेंगे और न ही कांग्रेस पर सभी वर्गों का समर्थन लेकर अब खुद राजनीति की लड़ाई लड़ने का वक्त आ चुका है, करणी सेना अब एक राष्ट्रीय दल बनाकर सभी समाज और संगठनों के सहयोग से अब अपना हक खुद लेगी।
आंदोलन में यह हुए सम्मिलित
-महिपाल सिंह मकराना, राष्ट्रीय अध्यक्ष,  राजपूत करनी सेना भारत
-राज शेखावत, राष्ट्रीय अध्यक्ष, क्षत्रीय करनी सेना भारत
-सूरज पाल सिंह अमू, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, करनी सेना..
-मंजीतपाल सिंह सांवरावाद,  राजस्थान
-सहेन्द्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, राजपूत करणी सेना मध्य प्रदेश
-बद्री पटेल, संभागीय अध्यक्ष राजपूत परिषद हरदा
-भंवर सिंह सलाड़िया, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष करनी सेना
ऋषिराज सिंह सिसोदिया, जिला अध्यक्ष इंदौर
कार्यक्रम की झलकियां
-हजारों कार्यकर्ताओं ने मोबाईल टार्च जलाकर किया आंदोलन का समर्थन
-भूख हड़ताल पर बैठे जीवनसिंह शेरपुर का हर दो घंटे में हुआ मेडिकल चेकअप
-पूरे आंदोलन को पुलिस प्रशासन सिर्फ दर्शक बन देखता रहा।
-आंदोलन को देखते हुए ड्रोन, सीसीटीवी और हजारों पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई गई थी।
-सभी दलों के कार्यकर्ता भी इस आंदोलन में दिखाई दिए।
-हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना।
-जिला प्रशासन से ७ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल मिला।
-२८० कि.मी दूर से पैदल सफर तय कर आंदोलन में पहुंचे १० करणी सैनिक।
-महिला शक्ति ने भी की आंदोलन में सहभागिता।
-१२ कंपनी और १० जिलों का बल किया गया था तैनात।
-हजारों लोगों के लिए सामाजिक संगठनों द्वारा की गई थी भोजन-पानी की व्यवस्था।

 

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