वेतन में देरी से नाराज कर्मचारियों का प्रदर्शन
– अस्पताल में पटरी से उतरी व्यवस्था
– मरीजों के परिजनों को कई परेशानी
अनोखा तीर, हरदा। समय पर वेतन नहीं मिलने तथा वेतन में कटौती से रहे नाराज जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारी, वार्डबॉय और सुरक्षाकर्मियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे बाद अपर कलेक्टर कर्मचारियों का ज्ञापन लेने पहुंचे। लेकिन, कर्मचारी कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ रहे। जिसके बाद अपर कलेक्टर वापस लौट गया। इस बात से आहत कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में आवाज बुलंद की। साथ ही यह अल्टीमेटम भी दिया कि अगर मांगों का समाधान नही हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन को बाध्य होंगे। इस मौके पर कर्मचारियों ने कहा कि ठेकेदार द्वारा समय पर वेतन नहीं दिया जाता है। इतना ही नही, निर्धारित कलेक्टर रेट से भी कम भुगतान किया जाता है। वहीं कलेक्टर द्वारा एक महीने में करीब चार दिनों की छुट्टी का प्रावधान है, बावजूद कर्मचारियों का उसका लाभ नही मिलता है। इस संबंध में शिकायत करने पर ठेकेदार काम से निकालने की धमकी देता है। इधर सफाईकर्मियों के प्रदर्शन के चलते जिला अस्पताल की व्यवस्था बेपटरी नजर आई। यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। वार्डो मे गंदगी का आलम देखने को मिला। वहीं सुरक्षाकर्मी और वार्ड बॉय ड्यूटी पर ना होने के कारण मरीजों के परिजनों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
पुलिस ने मुख्य द्वार पर रोका
अंत में कलेक्टर सिद्वार्थ जैन ने प्रदर्शन कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान अन्य कर्मचारी कलेक्टर चेंबर की तरफ बढ़ने का प्रयास करने लगे। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस बल ने उन्हें कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इस मौके पर हल्की धक्का मुक्की भी हुई।
जिम्मेदारों का उदासीन रवैया
बता दें कि लंबे समय से सरकारी अस्पताल में यह सारे काम ठेका पद्वति से चल रहे हैं। इसको लेकर बीच-बीच में कर्मचारी अपनी समस्या व्यक्त करते रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों की समस्या के समाधान को लेकर कोई भी आगे नही आया है। परिणामस्वरूप कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है।
इनका कहना..
उटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि वेतन की जो राशि उनके खाते में आ रही है। उसको लेकर स्पष्ट नही है कहां और कितनी राशि कट रही है। इस संबंध में ठेकेदार से डाटासीट तलब की है। उसी से पता चलेगा कि किसकी और कितनी राशि काटी गई है। अगर राशि में गलत कटौती पाई गई तो ठेकेदार से उसकी भरपाई कराएंगे।
सिद्धार्थ जैन, कलेक्टर हरदा


