अनोखा तीर, मसनगांव। अग्हन मास में पिछले छह दिनों से आसमान पर छाए बादलों के कारण तापमान में वृद्धि महसूस हो रही थी, जिससे हल्की गर्माहट बनी हुई थी। दो दिनों से मौसम साफ होने के साथ ही ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। शुक्रवार से बादल हटते ही लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं। सामान्यत: नवंबर माह में अच्छी ठंड पड़ने लगती है, लेकिन मौसम में बार-बार हो रहे परिवर्तन के कारण कभी गर्मी तो कभी सर्दी का एहसास बना हुआ है।
अच्छी सर्दी पर टिका है रबी फसलों का भविष्य
रबी सीजन की फसलों का भविष्य अच्छी सर्दी पर निर्भर करता है। इस सीजन में बोई जाने वाली गेहूं, चना, सरसों आदि फसलों के लिए ठंड बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि जितनी अधिक सर्दी पड़ेगी, फसलों का उत्पादन उतना ही बेहतर निकलता है। किसानों के अनुसार 15 नवंबर तक रबी फसल की बुआई को उत्तम माना जाता है। समय पर बोई गई फसलों को पर्याप्त सर्दी मिलने पर पैदावार अच्छी मिलती है। इस वर्ष कई किसानों ने बारिश के पानी का उपयोग करते हुए पहले ही बुवाई कर दी है, वहीं कुछ किसान नहर में पानी आने के बाद बुआई कर रहे हैं। पहले बोई गई फसलों में मौसम को देखते हुए किसान खेतों में पानी दे रहे हैं। दो दिन से बढ़ती ठंड के कारण अब रबी फसलों के अच्छे उत्पादन की उम्मीद फिर से मजबूत हो गई है।
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