-क्षेत्र की जनता ने उठाई स्वच्छता की मुहिम
अनोखा तीर, हंडिया। पुण्य सलिला माँ नर्मदा के पावन तट एवं रिद्धेश्वर की नगरी हंडिया में पॉलिथीन थैलियों का उपयोग लगातार जारी है, जबकि जिला प्रशासन द्वारा इसके विक्रय और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद बाजारों और घाटों पर बिना रोक-टोक पॉलिथीन का इस्तेमाल चिंताजनक रूप से बढ़ता जा रहा है। माँ रेवा के तटीय क्षेत्र को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने तथा प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को साकार करने के उद्देश्य से ग्रामीणों द्वारा लगातार माँ नर्मदा के आंचल को पॉलिथीन मुक्त किए जाने की मांग की जा रही है। किंतु संबंधित विभागों द्वारा ध्यान न दिए जाने से तटों पर प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
क्या यही आस्था है?
रिद्धेश्वर की नगरी हंडिया नर्मदा तट पर स्थित होने के कारण श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए आते हैं। लेकिन कई श्रद्धालु पूजा-पाठ के बाद पॉलिथीन, प्लास्टिक और कचरा घाटों पर ही छोड़कर चले जाते हैं, जिससे न केवल नदी प्रदूषित हो रही है, बल्कि माँ नर्मदा के प्रति आस्था का वास्तविक स्वरूप भी धूमिल होता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ग्राम पंचायत को इस संबंध में ठोस कदम उठाते हुए पॉलिथीन की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित करना चाहिए। साथ ही आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पहली बार 500 रुपए और दूसरी बार 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाना चाहिए। नर्मदा तट पर पॉलिथीन के बढ़ते प्रयोग से नदी में प्रदूषण तो फैल ही रहा है, साथ ही घाटों पर विचरण करने वाले मवेशी इन पन्नियों को खाकर बीमार पड़ रहे हैं या मर रहे हैं, जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति बन चुकी है।

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