आंवला नवमी पर महिलाओं ने पारंपरिक रूप से की पूजा

अनोखा तीर, रहटगांव। आंवला नवमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद आंवला वृक्ष के नीचे बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। सुबह से ही मंदिरों और पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ रही। सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक रूप से आंवला वृक्ष की पूजा की और कथा सुनी। इसके बाद अपने घर से लाए हुए प्रसाद स्वरूप भोजन को पहले भगवान को अर्पित किया गया, फिर महिलाएं वृक्ष के नीचे बैठकर सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण करती नजर आईं। आंवला नवमी की पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा करने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। रहटगांव में महिलाओं ने बताया कि इस अवसर पर वे अपने घरों में खीर, पुड़ी, सब्जी, हलवा, भजिया और अगरौटा बनाकर लाती हैं और परंपरा के अनुसार आंवला वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन करती हैं। पूरे दिन नगर में धार्मिक माहौल बना रहा।

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