-किसानों को मिलेगा न्यूनतम 5 हजार रुपए मुआवजा
अनोखा तीर, हरदा। हरदा जिले में सोयाबीन फसल के नुकसान और मुआवजा वितरण को लेकर शुक्रवार को जमना जैसानी फाउंडेशन सहित विभिन्न किसान संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के साथ बैठक की। संयुक्त कलेक्टर सतीश राय और कृषि उप संचालक जवाहरलाल कास्दे से हुई चर्चा में किसानों ने फसल नुकसान की सीमा, प्रभावित क्षेत्र और आरबीसी 6(4) के तहत मुआवजे की जानकारी मांगी। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में सोयाबीन की फसल में 25 से 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है। कुल 1 लाख 46000 हेक्टेयर में लगी फसल पर आधारित यह आंकड़ा राज्य शासन को भेज दिया गया है। बैठक में संयुक्त कलेक्टर राय ने पुष्टि की कि नुकसान के आधार पर किसानों को कम से कम 5 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। किसान संगठनों के अनुसार, 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में 70 प्रतिशत फसल नुकसान का प्रस्ताव पारित किया गया था, जबकि प्रशासन की रिपोर्ट में कम प्रतिशत दिखाया गया है। जमना जैसानी फाउंडेशन के शांति जैसानी ने बताया कि राज्य शासन को 71 करोड़ 50 लाख रुपए की मांग भेजी गई है। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में भुगतान होगा। एक हेक्टेयर से कम फसल वाले किसानों को लगभग 7-8 हजार रुपए और सीमांत किसानों को 5700 रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलेगा।
प्रशासन से किसानों की मांग
फसल नुकसान और फसल कटाई प्रयोग के डेटा सार्वजनिक किया जाए।
-बीमा राशि काटने के बावजूद भुगतान नहीं करने वाली बैंकों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
-2017 की भावांतर योजना के तहत लगभग ढाई करोड़ रुपए की बकाया राशि का भुगतान किया जाए।
-कृषि, राजस्व, बिजली, सहकारी और बैंक अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित कर किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। किसान संगठन के नेता रामजीवन वाष्ट ने कहा कि यह आवश्यक है कि मुआवजा वितरण और बीमा भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को नुकसान के सही अनुपात के अनुसार उचित राहत दी जाए।
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