अनोखा तीर, हरदा। नगर सहित ग्रामीण अंचलों में दीपावली के दो दिन बाद कार्तिक शुक्ल द्वितीया के अवसर पर गुरूवार को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व भाई दूज पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर में शुभ माहौल रहा। बहनों ने पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीप और मिठाई सजाकर भाइयों को तिलक लगाया तथा उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। खेड़ीपुरा निवासी श्रीमती रीना के घर उनका भाई गोपाल बड़वाह से सुबह ही पहुंचा। शुभ मुहूर्त में रीना ने अपने भाई के माथे पर तिलक किया और स्नेहपूर्वक भोजन कराया। भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट किए और जीवनभर उनकी रक्षा का वचन दोहराया। भाई दूज को यम द्वितीया और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन यमराज ने अपनी बहन यमुना के घर जाकर भोजन किया था, तभी से यह पर्व भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक बन गया। ग्रामीण अंचलों में आज भी यह पर्व पुरातन परंपराओं और लोककथाओं के साथ उल्लासपूर्वक मनाया जाता है।
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