अनोखा तीर, मसनगांव। धनतेरस के एक दिन पहले रात में हुई बारिश ने किसानों और आम जनता के लिए आफत का रूप ले लिया। शाम को हल्की बूंदाबांदी के बाद रात में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। शनिवार की दोपहर में भी हल्की बारिश होने से मौसम में ठंडक बढ़ गई। सुबह तक गर्मी और उमस से लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर होते ही ठंडक बढ़ने से लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। मौसम के अचानक बदलने के कारण मौसमी बीमारियों के मरीजों में भी वृद्धि हुई है। बारिश से गली-मोहल्लों की सड़के पानी से भीग गईं, जिससे दीपावली जैसे त्यौहार की रौनक प्रभावित हुई।
खेती-किसानी प्रभावित
बे-मौसम बारिश के कारण खेतों में काम में रुकावट आई। इस समय किसान खेतों की सफाई और बखर चलाने का कार्य कर रहे थे, लेकिन रात की बारिश के बाद सुबह से खेतों में नमी अधिक होने के कारण काम बाधित रहा। मक्का की फसल वाले खेतों में पानी जमा होने से कार्य नहीं हो पाया और कई जगह मक्का के टूटे भुट्टे पानी में भीग गए। खलिहानों में रखी सोयाबीन को तिरपाल से ढंकना पड़ा, फिर भी कई जगह उपज भीग गई।
दोपहर में कोहरा और मौसम खराब
रात की बारिश के बाद सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर में हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद बारिश बंद होते ही कोहरा छा गया। कोहरे और बादलों के कारण मौसम खराब बना रहा। धूप नहीं निकलने से वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। त्योहारों के सीजन में सड़कों पर यातायात का दबाव बना रहा, लेकिन बेमौसम बारिश के कारण कई लोग हरदा तक खरीदारी के लिए नहीं पहुँच पाए।
धनतेरस पर हुई खरीदारी
धनतेरस के शुभ अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग लक्ष्मी पूजन का सामान और अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीदने निकले। झाड़ू, पाना, बताशा आदि की खरीदारी हुई। इस साल सोना और चांदी की कीमतें अधिक होने के कारण कई लोग कम मात्रा में ही खरीदारी कर पाए। वहीं गरीब और मध्यम वर्ग इससे दूरी बनाते नजर आए।
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