-फसल सर्वे, भावांतर, खाद और नहर में पानी छोड़ने पर हुए विचार-विमर्श
अनोखा तीर, सोडलपुर। नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर तिवारी ने गुरुवार को टिमरनी क्षेत्र की नहर शाखाओं में चल रहे सफाई कार्यों का निरीक्षण किया और किसानों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। चर्चा के दौरान किसानों ने फसल सर्वे, भावांतर योजना, खाद की कमी और नहर में पानी छोड़े जाने से जुड़ी समस्याएं उठाईं। किसानों ने बताया कि जिले में फसल सर्वे का कार्य तो चल रहा है, लेकिन यह कुछ खेतों तक ही सीमित है। उन्होंने मांग की कि सर्वे सभी खेतों में समान रूप से किया जाए ताकि मुआवजा राशि का वितरण न्यायसंगत हो। किसानों ने यह भी कहा कि पिछले बार राहत राशि गांव-गांव में अलग-अलग दी गई थी, जबकि नुकसान सभी का लगभग समान था। किसान अनिल भाटी ने बताया कि सरकार द्वारा सोयाबीन की खरीदी भावांतर योजना में की जा रही है, लेकिन इस क्षेत्र में सोयाबीन की पैदावार बहुत कम हुई है और जो हुई है वह बारीक दाने वाली है। ऐसे में किसानों को मॉडल रेट नहीं मिल पाएगा और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। कमिश्नर तिवारी ने तवा डैम से नहरों में पानी छोड़े जाने को लेकर भी किसानों से राय ली। किसानों ने बताया कि अभी खेतों में फसल कटाई चल रही है और लगभग दस दिन बाद रबी फसलों की बोनी शुरू होगी, इसलिए अभी पानी की तत्काल आवश्यकता नहीं है। इस पर कमिश्नर ने जानकारी दी कि तवा डैम के पास बड़ा कटाव हो गया है, जिसे भरने का कार्य जारी है। इसलिए 1 नवंबर से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। किसान प्रेम नारायण भाटी, माखन भाटी और दिनेश भाटी ने सुझाव दिया कि तब तक नहरों की सफाई पूरी कर ली जाए, ताकि टेल क्षेत्रों तक समय पर पानी पहुंच सके। किसान केवलराम बूच, महेश भाटी और राजेश कछवाह ने खाद की भारी कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि किसानों को डीएपी और यूरिया खाद के लिए दिन-रात लाइनों में लगना पड़ रहा है, फिर भी खाद पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही। किसानों ने मांग की कि कृषि विभाग तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि रबी फसलों की बोनी समय पर की जा सके। इस मौके पर टिमरनी एसडीएम संजीव कुमार नागू, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सभी हल्का पटवारी, नहर विभाग के एसडीओ मौसम पोरते, सब इंजीनियर कमलेश काजले, नहर पटवारी, अरविंद गौर सहित क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे।

