बीज के लिए भटक रहे किसान

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-बीज निगम और कृषि विभाग के पास नहीं मिल रहा नई प्रजाति का बीज
अनोखा तीर, मसनगांव। जिले में अच्छी प्रजाति के गेहूं और चना जैसी फसलों के बीज के लिए किसान भटकने को मजबूर हैं। खरीफ सीजन की फसल कटने के बाद किसान रबी सीजन की बोनी की तैयारी में जुट चुके हैं और इसके लिए खाद व बीज की तलाश कर रहे हैं। जहां खाद के लिए किसान डीएमओ और सहकारी समितियों पर निर्भर हैं, वहीं अच्छी प्रजाति के बीज के लिए निजी दुकानों और बीज उत्पादन समितियों की ओर रुख कर रहे हैं। जिले में बीज निगम के पास जी डब्ल्यू 303, 367 और एमपी जे डब्ल्यू 3565 प्रजाति के बीज उपलब्ध हैं, लेकिन किसानों को जिन प्रजातियों की आवश्यकता है, जैसे एच आई 1650, जी डब्ल्यू 327, जी डब्ल्यू 372, वे बीज निगम में नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को जिले से बाहर जाकर बीज लाना पड़ रहा है, जहां उन्हें न तो पक्का बिल दिया जाता है और न ही उपलब्धता की गारंटी। बावजूद इसके, किसान महंगे बीज लेने के लिए मजबूर हैं। कुछ दुकानदार खरीफ फसल के गेहूं को ही बीज बनाकर बेच रहे हैं। मंडी में गेहूं की कीमत 2500 से 2700 रुपए प्रति क्विंटल है, वहीं वही बीज 3200 से 4500 रुपए प्रति क्विंटल में बिक रहा है। कृषि विभाग के कार्यालय होने के बावजूद किसानों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कृषि विस्तार अधिकारी गणेश रांजने ने बताया कि कृषि विभाग के पास पूसा अनमोल प्रजाति का गेहूं है, जिसे प्रत्येक किसान को केवल एक क्विंटल ही मिलेगा।
किसानों ने नई प्रजाति के बीज को प्राथमिकता देने का कारण बताया कि पुरानी प्रजातियों में बीमारियों के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इस साल मुख्य रूप से एच आई 1650, एच डी 3385, एच डी 3388, डब्ल्यू एच 1270, डी बी डब्ल्यू 327, डी बी डब्ल्यू 359, डी बी डब्ल्यू 372 और एच आई 8850 ड्यूरम जैसी प्रजातियों की मांग बनी हुई है। नई प्रजातियों के बीज का भाव 4000 से 4500 रुपए प्रति क्विंटल तक है। जिले के अधिकांश किसान रबी सीजन की फसल के लिए नहर की सिंचाई पर निर्भर हैं। पानी की कमी के कारण कई बार फसलों का उत्पादन प्रभावित हो जाता है। इसलिए टेल क्षेत्र के किसान कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सहकारी समितियों में बीज अनुदान पर उपलब्ध होता था, लेकिन पिछले पांच-छह वर्षों से यह सुविधा बंद हो गई है। इसके कारण किसान अच्छे प्रजाति के बीज के लिए भटकने को मजबूर हैं। किसान जिला प्रशासन से गेहूं, चना, मक्का, सरसों जैसी फसलों के अच्छे बीज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। अखिलेश पटेल, सहायक संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, हरदा ने बताया कि बीज निगम के पास डब्ल्यू 303, 387 और एमपी जे डब्ल्यू 3565 प्रजाति के बीज उपलब्ध हैं। किसान चना और गेहूं का बीज इनसे ले सकते हैं।

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