अनोखा तीर, हरदा। पर्यावरण संस्कृति ट्रस्ट अध्यक्ष एवं अधिवक्ता सुशील कुमार जैन ने बताया कि जंबूरी मैदान पर भोपाल विज्ञान मेले में कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से आए युवा विद्यार्थी प्रशांत गव्हाड़े, अरसलान अंसारी, कृष्णा पटेल, सुकांत कुमार ने प्रोजेक्ट सारथी के अंतर्गत एक वेबसाइट डिजाइन की है, जो कि बुजुर्गों की हर प्रकार की समस्या और अकेलेपन को युवा विद्यार्थियों के माध्यम से आने वाले समय में दूर करेगी ओर बाहर से आए हुए विद्यार्थियों के मनोबल में एवं उनकी छोटी छोटी वित्तीय जरूरतों को भी पूरी करेगी। आधुनिक जीवनशैली ने मनुष्य समाज में जो विसंगतियां फैलाई हैं, उनमें बुजुर्गों की अनदेखी और उनका अकेलापन भी एक है। पहले संयुक्त परिवार हुआ करते थे, वहां पीढ़ियां साथ रहा करती थीं। अब ऐसा नहीं है। अव्वल तो परिवार बहुत छोटे होते हैं। फिर बच्चे अपना करियर बनाने के लिए दूसरे शहरों में चले जाते हैं। जो बुजुर्ग इतने खुशकिस्मत हैं कि बच्चों के साथ रह सकें, उनमें से अधिकांश की पीड़ा यह है कि वे बच्चों के साथ रहकर भी अकेलेपन को जीने के लिए विवश हैं। क्योंकि बच्चे अपनी व्यस्तता के कारण उनसे बात करने तक का समय नहीं निकाल पाते। अपना मूल निवास स्थान छोड़कर बच्चों के साथ महानगरों में रहने से बुजुर्ग इसलिए भी कतराते हैं क्योंकि महानगरों की जीवनशैली के अनुकूल वे स्वयं को ढाल नहीं पाते और पहले से अधिक अकेले हो जाते हैं।

