युवा उत्सव के चतुर्थ दिवस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

संगीत एक उपासना है, संगीत आपके मस्तिष्क को शांत करता है

नर्मदापुरम- शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम में युवा उत्सव के चतुर्थ दिवस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिता में एकल गायन शास्त्रीय, समूह गायन भारतीय, एकल गायन पश्चात्य, समूह गायन पाश्चात्य, एकल गायन सुगम, वादन परकुषन, वादन नान परकुषन, एकल नृत्य शास्त्रीय, समूह नृत्य शास्त्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।  महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि संगीत एवं नृत्य से निराशा और अवसाद दूर होता है। संगीत एक उपासना है, संगीत आपके मस्तिष्क को शांत करता है। शोध से ज्ञात हुआ है कि संगीत सीखने से बच्चों की स्मरण क्षमता बढ़ती है, सामाजिक एवं भावनात्मक कौशल विकसित करने में भी मदद मिलती है। संगीत मानसिक एवं भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहने में मदद करता है और मानसिक संतुलन बढ़ाता है। संगीत का औषधि के रूप में भी उपयोग किया जाता है। संगीत ध्यान का एक रूप है संगीत से सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है वही नृत्य करने से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। नृत्य करने से मांसपेशियों की ताकत, सहनशक्ति, फिटनेस बढ़ती है और समन्वय एवं संतुलन की क्षमता बढ़ती है। नृत्य करने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, मन, शरीर और आत्मा को केंद्रित करने में मदद मिलती है। इन प्रतियोगिताओं में संगीत विभागाध्यक्ष प्रेमकांत कटंगकार करने अपना सक्रिय, सतत् सहयोग प्रदान किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जैन ने उनकी इस कर्मशीलता की सराहना की।

एकल गायन शास्त्रीय में प्रथम अंजलि श्रोती, द्वितीय कृतिका शर्मा रही। एकल गायन सुगम में प्रथम कुमकुम गौर, द्वितीय अंजलि श्रोती एवं तृतीय कृतिका शर्मा रही। एकल गायन पाश्चात्य में प्रथम अनुश्री मालवीय, समूह गायन पाश्चात्य में अंजलि श्रोती एवं समूह रहा। समूह गायन भारतीय में अंजलि श्रोती एवं समूह, द्वितीय रेशमा शाह एवं समुह रहा। एकल नृत्य शास्त्रीय में प्रथम कृतिका शर्मा, द्वितीय रिया मेहरा रही। समूह नृत्य में प्रथम सपना कहार एवं समूह, द्वितीय प्रेरणा पाल एवं समूह, तृतीय रुक्मणी एवं समूह रहा। वादन नान परकुशन में प्रथम अनुश्री मालवीय, द्वितीय कृतिका शर्मा रहीं। वादन परकुशन में प्रथम शीतल पांडे, द्वितीय कुमकुम मेहरा एवं तृतीय स्नेहा रहीं।

 युवा उत्सव प्रभारी डॉ. रागिनी सिकरवार ने अगले पड़ाव पर छात्राओं को कमर कसकर प्रतियोगिता में सहभागिता करने हेतु प्रेरित किया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता से पूर्व आप महाविद्यालय में अपनी प्रतियोगिताओं में मेहनत करें और सफलता अर्जित करें ऐसी शुभकामनाएं प्रेषित की विजेता छात्राओं एवं सहभागिता का विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर उत्साह वर्धन किया गया।

इन प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ वर्षा चौधरी, डॉ दीपक अहिरवार, डॉ. जीसी पांडे, डॉ. विनीत अग्रवाल, डॉ. वैशाली लाल, डॉ. हर्षा चचाने, डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, डॉ रामबाबू मेहर, डॉ. विजया देवासकर, डॉ. मनीषा तिवारी ने अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

इन प्रतियोगिता में महाविद्यालय में गठित समितियां के संयोजक के साथ डॉ श्रीकांत दुबे, डॉ. अरुण सिकरवार, डॉ रश्मि श्रीवास्तव, डॉ पुष्पा दुबे ,डॉ भारती दुबे, डॉ संध्या राय कैलाश डोंगरे, डॉ पी आर मानकर, डॉ. आशीष सिंह, डॉ. भारती दुबे, डॉ. यशवंत निंगवाल, डॉ. कंचन ठाकुर, डॉ घनश्याम डहेरिया, डॉ. आकांक्षा चौधरी, डॉ. कीर्ति दीक्षित, डॉ मधु विजय, डॉ. रीना मालवीय, डॉ. श्रद्धा गुप्ता, डॉ. एकता गुप्ता, डॉ. हेमंत चौधरी, डॉ. आषीष सौहगोरा, डॉ. मनीष चंद्र चौधरी, श्रीमती प्रीति मालवीय, डॉ. प्रगति जोषी, डॉ. संगीता पारे, डॉ. निषा रिछारिया, डॉ. चेतना बोरीवाल, श्रीमती आभा वाधवा, श्रीमती नीलम चौधरी, श्रीमती प्रीति ठाकुर, श्रीमती किरण विश्वकर्मा,  शुभम भद्रे,  शैलेंद्र तिवारी,  अजय तिवारी,  देवेंद्र सैनी,  अनिल रजक, श्रीमती अनीता त्रिपाठी, डॉ. रफीक अली, कुमारी मीनल अग्रवाल, श्रीमती दीपिका राजपूत, धीरज खातरकर, महाविद्यालय स्टाफ एवं भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

Views Today: 2

Total Views: 460

Leave a Reply

error: Content is protected !!