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Thursday, 15 October 2026
हरदा

क्या हादसा होगा तब जागेगा प्रशासन

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-वर्षाे से खड़े जर्जर मकान, न मकान मालिक तोड़ रहा और न प्रशासन का ध्यान
अनोखा तीर, हरदा। लगातार हो रही बारिश के कारण आए दिन किसी गांव या शहर में जर्जर मकान दीवार गिरने से मौतें हो रही हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन बिल्कुल भी बेपरवाह दिखाई दे रहा है। जिले में कोई एक मकान नहीं बल्कि सैकड़ों ऐसे भवन और दुकानें हैं, जो वर्षों से जर्जर हालत में हो चुकी हैं, कभी भी यह इमारतें धराशायी हो सकती हैं। इसके बाद भी इन जर्जर इमारतों को गिराने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है, जिला मुख्यालय की ही बात करें तो घंटाघर क्षेत्र से लेकर व्यस्ततम इलाकों में ऐसी कई ईमारतें हैं जो बहुत अधिक खतरनाक हो चुकी हंै और कभी भी धराशायी हो सकती हैं। जिन लोगों की यह इमारतें हैं, उन लोगों ने वहां रहना तक बंद कर दिया है। इसके बावजूद इन इमारतों को गिराया नहीं जा रहा है। देखने वाली बात यह भी है कि कुछ इमारतें पुराने किरायेदारों के कारण कोर्ट के केस में भी फंसी हुई हैं, जिसमें मकान मालिक चाहकर भी उन इमारतों को नहीं गिरा रहा है। देखने वाली बात यह भी है कि वर्तमान में कई शासकीय शालाएं भी जिले में जर्जर भवनों में संचालित हो रही हैं, जिसके कारण बच्चों तक की जान पर खतरा बना हुआ है। नगरपालिका प्रशासन और जिला प्रशासन को चाहिए कि तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में सर्वे कराकर जर्जर भवनों को चिन्हित कर उन्हें मानव जीवन के लिए खतरनाक घोषित कर ध्वस्त करें। जिससे दूसरे जिले में होने वाले हादसों की पुर्नावृत्ति हरदा जिले में न हो।

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