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Saturday, 17 October 2026
भोपाल मध्य प्रदेश सीहोर सुर्खियाँ

बुधनी मिडघाट रेल लाइन पर ट्रेन से कटकर एक टाइगर की मौत, दो गंभीर रूप से घायल

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गणेश पांडे, भोपाल। राजधानी भोपाल स्टेशन से 60 किलोमीटर दूर बुधनी मिडघाट वन्य प्राणी खासकर टाइगर के लिए सुसाइड प्वाइंट बनता जा रहा है। रेलवे की लापरवाही की सजा मूक वन्य प्राणियों को भुगतना पड़ रही है। इसी कड़ी में सोमवार को मिडघाट बुधनी तीन शावकों का ट्रैन एक्सीडेंट हुआ, जिसमें एक शावक की मौत हो गई। दो शावक की गंभीर रूप से जख्मी है पर अभी तक उपचार शुरू नहीं हो सका है। ट्रेन एक्सीडेंट अल-सुबह का बताया जा रहा है। एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल शावकों का अभी तक रेस्क्यू नहीं हो सका है। घायल शावकों से 20 मीटर दूरी पर आक्रोशित बाघिन बैठी है, जो रेस्क्यू टीम को आगे बढ़ने नहीं दे रही है। घटनास्थल पर वन संरक्षक राजेश खरे और डीएफओ एमएस डाबर के अलावा सीहोर वन मंडल के सभी अधिकारी एवं रेस्क्यू टीम वहां मौजूद है। सीहोर डीएफओ एस डाबर ने बताया कि शावक की मौत और दो शावकों के घायल होने से गुस्साईं बाघिन रेस्क्यू टीम पर चार्ज करने की कोशिश कर रही है। हमले के कारण भगदड़ मची, जिसमें महिला एसडीओ बुदनी श्रुति ओसवाल के पैर में चोट आ गई है।

हर साल होती है तीन से चार वन्यप्राणियों की मौत

सीहोर वनमंडल के डीएफओ भोपाल-होशंगाबाद के बीच मिडघाट बुधनी रेलवे लाइन पर हर साल 3 से 4 टाइगर की ट्रेन से कटकर मौत होती है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बुधनी मिडघाट रातापानी सेंचुरी से लगा हुआ है। रातापानी सेंचुरी में करीब 56 टाइगर है।

घने जंगलों के बीच मिडघाट स्टेशन

रेलवे ट्रैक है। दूसरी तरफ नाला है। वन प्राणियों को रेलवे लाइन पास करना ही पड़ता है। रेल मंत्रालय ने तीसरी रेलवे लाइन बनने से पूर्व दो अंडर ब्रिज और दो ओवर ब्रिज बनाने के वादे किए थे। रेलवे न तो अंडर ब्रिज बनाए और न ही फेंसिंग करवाई।

यह हादसा तो होना ही था

ट्रेन एक्सीडेंट से एक चटक की मौत और दो शावकों के गंभीर रूप से घायल हो जाने पर पूर्व एपीसीसीएफ ने दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि तीसरी ट्रैक की अनुमति देते समय रेलवे को ओवर ब्रिज अथवा अंडर ब्रिज बनाने की बाते थी। पता नही क्या किया औऱ आज यह भीषण हादसा हो गया। यह हादसा तो होना ही था, क्योंकि वहां पर वर्टीकल घाट कटिंग काफी लंबी है और बाघ उस पार जाते ही है। कभी भी यह हादसा हो सकता है क्योंकि रातापानी में 56 टाइगर हैं।

इनका कहना है…

घटना दुखद है और गंभीर रूप से घायल शावकों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

शुभ रंजन सेन, प्रभारी पीसीसीएफ वन्य प्राणी

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