तीन नए कानूनों पर एक दिवसीय विधिक कार्यशाला 13 जुलाई को

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अनोखा तीर, हरदा। केन्द्र सरकार द्वारा औपनिवेशिक न्याय व्यवस्था के दण्ड विधान को बदलकर आम आदमी को त्वरित न्याय तथा देश में प्रचलित कानून को समसामयिक स्थिति के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से भारतीय दण्ड विधान को भारतीय न्याय संहिता करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में त्वरित न्याय की अवधारणा को स्थापित किया है। केन्द्र सरकार द्वारा पारित किए गए नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023, जो देशभर में 1 जुलाई 2024 से लागू हो गए हैं। प्रदेश भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमन्त द्विवेदी ने बताया कि भारत के आपराधिक कानून में परिवर्तन और सुधार एक महत्वपूर्ण विषय है जो समाज की बदलती आवश्यकता और न्याय की आवश्यकता को पूरा करने के लिए समय-समय पर किया जाता है। हाल ही में भारतीय दण्ड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे आपराधिक कानून को देशहित में बदलकर संसद में तीन स्वदेशी कानून पारित किए गए हैं। इस संदर्भ में प्रदेश भाजपा विधि प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय विधिक कार्यशाला व केन्द्र सरकार का आभार प्रदर्शन कार्यक्रम आगामी 13 जुलाई को सुबह 10 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय के सभागार में आयोजित किया गया है। इस कार्यशाला में आजादी के 76 वर्षों के बाद दण्ड कानून अब न्याय संहिता बन चुके हैं और इस कानून के प्रति अधिकाधिक जागरूकता को लेकर आयोजित कार्यशाला में मुख्य बिंदुओं पर चर्चा व व्याख्यान होगा। इस कार्यशाला को सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रोहित आर्य संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश के सभी जिला संयोजक तथा प्रदेश के सभी अभिभाषक, मध्यप्रदेश स्टेट बार काउन्सिल के सदस्य इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, हाई कोर्ट बार के अध्यक्ष एवं सचिव शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल , प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे।

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