Skip to content
Thursday, 22 October 2026
हरदा

प्रथम दिवस तीन मंडलियों की मनमोहक प्रस्तुति, माता-बहनों ने दिए सुंदर झालरे

2 min read
Text Size:

अनोखा तीर, बालागांव। ग्राम बालागांव में गणगौर महोत्सव के प्रथम दिवस ग्राम की महिलाओं द्वारा दिन में पाती खेली गई, वहीं रात्रि में महिलाओं और गांव के बच्चों द्वारा सुंदर झालरे प्रस्तुत किए गए। गांव में यह उत्सव बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। सांझ ढलते ही आयोजन स्थलों पर झालरों की शुरुआत हो जाती है। भजन मंडलियां पांडालों में गणगौर गीतों पर झालरे प्रस्तुत कर माता माय (देवी) की उपासना करती हैं। देर रात कार्यक्रम के समापन से पहले परंपरा अनुसार तुम देओ रजा घर जावां म्हारी रनुबाई गीत अनिवार्य रूप से गाया जाता है। इस गीत के माध्यम से देवी से सभी की ओर से घर जाने की अनुमति मांगी जाती है। गणगौर महोत्सव के दौरान आसपास के ग्रामों से भी बड़ी संख्या में लोग गणगौर देखने पहुंचते हैं, जिससे कार्यक्रम स्थल पर काफी भीड़ उमड़ती है। ग्राम की महिलाएं विधि-विधान से गणगौर की पूजा-अर्चना कर रही हैं। सेवा में प्रतिदिन सुबह और शाम गणगौर मैया की आरती की जाती है। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के रूप में काई गणपति लागूं थारा पांव भजन से की जाती है। इसके साथ ही अंचल के अन्य लोकप्रिय गणगौर गीत भी गाए जा रहे हैं। समय के साथ कई गीतों की धुन और बोल में बदलाव आया है, फिर भी कर्णप्रिय गणगौर गीतों पर झालरों की प्रस्तुति देखने के लिए दर्शक बड़ी संख्या में पांडाल में मौजूद रहते हैं। चैत्र व वैशाख में मनाए जाने वाले इस उत्सव के प्रथम दिवस ग्राम बालागांव में श्री श्याम गणगौर मंडल रूपिपरेटिया, श्री भैरू बाबा गणेश मंडल नकवाड़ा और श्री गणगौर मंडल सकतापुर मंडल द्वारा सुंदर प्रस्तुति दी गई। गणगौर महोत्सव का आयोजन शिवनारायण गौर, भगवानदास गौर एवं पवन गौर द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन की ग्रामीणों और आ

87 Views
What do you think?

Leave a Reply