अनोखा तीर, हरदा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार केवल किसानों और गरीबों का शोषण कर रही है। हाल ही में सरकार द्वारा जारी आदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से किए जाने की बात कही गई है, लेकिन यह भी जुमला साबित होगा। उनका दावा है कि 5 अप्रैल से पहले खरीदी शुरू नहीं होगी। मोहन सांई ने कहा कि अभी यह भी संशय है कि सरकार कितना गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। सरकार द्वारा 50 प्रतिशत गेहूं भावांतर योजना में खरीदने की अटकलें चल रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का दावा कर रही है, वहीं उस ऋण की वसूली की अंतिम तिथि 28 मार्च तय कर दी गई है, जबकि गेहूं खरीदी की तिथि 1 अप्रैल घोषित की गई है। ऐसे में किसान उपज बेचकर ऋण अदायगी कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की गेहूं और चने की उपज निकले एक माह हो चुका है तथा किसानों को मूंग की बोनी भी करनी है। मजबूरी में किसान मंडियों में गेहूं ओने-पौने दामों पर बेचने को विवश हो रहे हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। मोहन सांई ने कहा कि जिले के किसान 18 मार्च को मुख्यमंत्री मोहन यादव के किसान सम्मेलन का विरोध करेंगे। इसके लिए वे गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें समर्थन मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार गेहूं की खरीदी 2700 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से करे तथा 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दे। साथ ही मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए तत्काल पंजीयन शुरू किया जाए, अन्यथा जिला कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दिन ही बड़ा आंदोलन करेगी।
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