अनोखा तीर, हरदा। शिक्षक अपने विद्यार्थियों को श्रेष्ठ संस्कार देकर उन्हें श्रेष्ठ नागरिक बनाते हंै, यही उनका दायित्व भी है। श्रेष्ठ शिक्षा पाकर विद्यार्थी मां भारती की सेवा करते है। सच्चा गुरु वही होता है जो अपने शिष्य को पारंगत कर दे। शासकीय सेवा से निवृति के बाद, समाजसेवा के द्वार खुले हैं, शिक्षको के ज्ञान, मार्गदर्शन की समाज को आवश्यकता है। यह बात प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने रविवार रात को होटल हवेली में शिक्षक सुबोध शुक्ला के शासकीय सेवा संपूर्ति समारोह में कही। उन्होंने कहा कि शिक्षक का राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। इस अवसर पर डीईओ बैतूल एलएन प्रजापति ने सेवानिवृत्त शिक्षक सुबोध शुक्ला की कार्यशैली के बारे में बताया। इस दौरान संकुल प्राचार्य जेपी प्रजापति, सेवानिवृत शिक्षक एमके गर्ग, वरिष्ठ समाजसेवी अशोक नेगी, किशोर शुक्ला ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान डॉ ऋषभ शुक्ला ने बताया कि पुत्र को अपने पिता के अनुभवों का लाभ लेना चाहिए, उन्होंने अपने शिक्षक पिता से प्राप्त शिक्षा को अमूल्य बताया। इस दौरान शासकीय हाई स्कूल रेलवा के शिक्षको ने अभिनंदन पत्र भेंट कर वाचन किया। सेवा निवृत शिक्षक सुबोध शुक्ला ने अपने स्कूल के विद्यार्थियों को खेल सामग्री एवं विद्यालय के लिए अलमारी भेंट की। उन्होंने पौधरोपण कर संरक्षण के लिए ट्री गार्ड लगाया। शासकीय सेवा निवृत्ति समारोह के दौरान शिक्षक सुबोध शुक्ला ने कहा कि साढ़े 37 वर्षों के दौरान मेरे कर्म के साक्षी सभी साथी यहां उपस्थित है, यह अतुलनीय स्नेह मुझे संबल देगा। अंत में आभार अशोक शुक्ला ने व्यक्त किया। सेवा निवृत्ति समारोह के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक एवं सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।
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