ग्वालियर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्वय शुक्ला ने अपने दो दिन के प्रवास के दौरान जीवाजी क्लब मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रोफेसर की जान बचाने के लिए परिषद के कार्यकर्ताओं ने जबरन गाड़ी लेकर कोई गुनाह नहीं किया था, यह गलती हो सकती है। हम लोगों को न्यायालय में पूर्ण विश्वास है और हम लोग न्याय के लिए लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों में परेशानी अवश्य आती हैं, लेकिन जीत धर्म की होती है। उस समय परिषद के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र का कर्तव्यनिष्ट नागरिक होने का दायित्व निभाया। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दल की हो, हमारा काम छात्रों के हक के लिए लड़ना है। शुक्ला ने दावा किया कि मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में छात्रसंघ के चुनाव के लिए प्रदेश सरकारों पर दवाब डालेंगे। छात्रसंघ के चुनाव राजनीति की पहली पाठशाला होती है। इसके साथ ही अध्यापकों व प्रोफेसरों की भर्ती के लिए प्रदेश संघर्ष करेंगे। मीडिया से चर्चा के दौरान परिषद की राष्ट्रीय मंत्री शालिनी शर्मा व वीरेंद्र सोलंकी मौजूद थे।
छात्रों पर डकैती की धारा लगाने पर सवाल उठाए
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्वय शुक्ला ने छात्रों पर डकैती की धारा लगाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ एक तरफ सरकार मध्यप्रदेश के डकैत मुक्त होने का दावा करती है। दूसरी तरफ बगैर विचार किए डकैती की धारा छात्रों पर लगाती है। पुलिस ने छात्रों पर प्रकरण दर्ज करने में जल्दबाजी करने के साथ-साथ अपने विवेक का उपयोग नहीं किया। पहले अपराध की प्रकृति, परिस्थिति और इसके पीछे की भावनाओं पर एक विचार करना चाहिए था। अगर ऐसा किया होता तो छात्रों के खिलाफ संगीन धाराओं में प्रकरण दर्ज नहीं होता। परिषद शासन से मांग करते हैं कि इस प्रकरण में रिव्यू कर फैसला लिया जाए। न्यायालय से भी अनुरोध करेंगे कि वे छात्रों को भावनाओं को समझें। शुक्ला ने कहा कि अगर किसी की मदद करना गुनाह है तो परिषद के कार्यकर्ता बार-बार यह अपराध करेंगे।

