अनोखा तीर, हरदा। करीब 9 साल पुराने भ्रष्टाचार के एक मामले में न्यायालय ने रहटगांव के तत्कालीन तहसीलदार भगवानदास नामदेव को 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 7 हजार रूपए अर्थदंड से दंडित भी किया है। माननीय न्यायाधीश श्रीमान प्रथम अपर सत्र की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया है। प्रकरण में शासन की तरफ से जिला लोक अभियोजन अधिकारी एआर रोहित ने पैरवी की। जिला अभियोजन अधिकारी श्री रोहित ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मामला10 जुलाई 2014 का है। उस दिन फरियादी जीवन सिंह निवासी ग्राम पड़वा ने कार्यालय पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल के समक्ष हाजिर होकर शिकायत की थी कि उसकी मां का देहांत हो गया है। जिसके चलते राजस्व रिकार्ड से मां का नाम हटाने के लिए रहटगांव तहसीलदार बी.डी नामदेव को आवेदन प्रस्तुत किया है। लेकिन उनके द्वारा कार्रवाई को कई दिनों तक लंबित रखा गया। इसकी जानकारी जुटाने पर तहसीलदार ने कहा कि रिकार्ड दुरूस्त करने के लिए 20 हजार रूपए चार्ज करने पडें़गे। जिसके बाद तहसीलदार श्री नामदेव को 10 हजार रूपए दे चुका हूं। परंतु, शेष 10 हजार रूपए देने के बजाय उनके इस आचरण को उजागर करके रहूंगा। इसलिए शिकायत करने यहां आया हूं। जीवन सिंह ने लोकायुक्त पुलिस से तहसीलदार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने की मांग की। उसकी शिकायत के आधार पर एसपी लोकायुक्त ने निरीक्षक व्ही.के. सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा। श्री सिंह ने शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कर एक दिन बाद यानि 12 जुलाई को रहटगांव तहसीलदार बी.डी नामदेव को उनके टिमरनी स्थित निवास पर जीवन सिंह से 10 हजार रूपए लेते रंगे हाथ पकड़ लिया था। श्री रोहित ने बताया कि प्रकरण की संपूर्ण विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र दाखिल किया गया। इस दौरान न्यायालय में अभियोजन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री रोहित ने ठोस तथ्यों को रखा। अभियोजन के साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होकर माननीय श्रीमान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी तत्कालीन तहसीलदार भगवानदास नामदेव को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(घ), 13(2) अंतर्गत 4 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 7 हजार रूपए अर्थदंड से दंडित किया है।

