भोपाल। संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र के दौर लोकसभा और राज्यसभा से विपक्ष के 142 सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्षी दल आक्रोशित हैं। इसी सिलसिले में राजधानी भोपाल में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया।
टीटी नगर के रोशनपुरा चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव भी शामिल हुए। इसके अलावा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, पूर्व विधायक व मंत्री पीसी शर्मा समेत जिला कांग्रेस के अनेक नेता व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
यह लोकतंत्र की हत्या है
इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोदी सरकार और भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा और लोकसभा लोकतंत्र के मंदिर हैं। भाजपा ने जनप्रतिनिधि के ताकत को कमजोर कर दिया। मुझे भी (विधानसभा के) पिछले सत्र में निलंबित कर दिया गया था। जिस तरह संसद के मौजूदा सत्र में करीब 150 सांसदों को निलंबित किया गया, वह लोकतंत्र की हत्या नहीं तो और क्या है।
छेड़ा ईवीएम राग
जीतू पटवारी ने आगे कहा कि भारतीय लोकतंत्र का अनुसरण पूरी दुनिया करती है। सत्तापक्ष और विपक्ष देश की उन्नति के लिए दो पटरियां हैं। भारत की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ईवीएम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जो देश ईवीएम का ईजाद किये, उन्होंने ही इसे त्याग दिया। अब तो दलबदल कानून का भी कोई मतलब नहीं है।
मोदी-शाह पर लगाया तानाशाही का आरोप
जीतू पटवारी ने पीएम नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तानाशाही आरोप लगाया और कहा कि ये दोनों नेता अपनी ही पार्टी में तानाशाही चला रहे हैं। मुख्यमंत्री के चयन में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों से ही राय नहीं ली गईं। इसके साथ जीतू ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव पर भी हमला बोला और भाजपा के पिछले संकल्प पत्र की याद दिलाई। जीतू बोले कि सीएम मोहन यादव कह रहे हैं कि संकल्प पत्र गीता बाइबिल की तरह पवित्र है। लेकिन भाजपा ने अपने पिछले संकल्प पत्र में केवल तीस फीसदी हिस्सा पूरा किया। बीजेपी ने लाडली बहनों को तीन हजार रुपये क्यों नहीं दे रही है। धान की खरीदी अगर जनवरी में 3100 सौ रुपये में नहीं हुई तो कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सड़क पर उतरेगा। आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने का यह दुष्चक्र है।
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