जबलपुर। कैंसर के मरीज हर तरह से छले जा रहे हैं। पहले तो मध्य प्रदेश का पहला व एकमात्र स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट जगह 2022 में आधी-अधूरी व्यवस्था के साथ शुरू हो पाया। और अब मरीजों के एक वार्ड में निजी एजेंसी ने कब्जा कर लिया है। मेडिकल के चंद अधिकारियों की मनमानी के कारण वार्ड से कैंसर मरीज हटा दिए गए। जिसमें निजी कंपनी सेंट्रल लैब चलाएगी। निजी कंपनी पर अधिकारियों की मेहरबानी के कुछ और उदाहरण भी हैं। मेडिकल कालेज अस्पताल परिसर में पूर्व में कैंसर अस्पताल संचालित था। जिसका भवन दान में मिला था। कैंसर इंस्टीट्यूट के निर्माण के बाद यह भवन खाली हो गया। कैंसर अस्पताल के अधिकारियों ने सोचा था कि दान में मिला भवन कैंसर मरीजों के स्वजन के लिए आश्रय स्थल में बदल दिया जाए परंतु अधिकारियों ने इसे भी मेडिकल में कार्य कर रही ठेका कंपनी को सौंपने की साजिश शुरू कर दी है।
पुलिस मांगे आउट आफ टर्न प्रमोशन
मध्य प्रदेश की नई सरकार नए-नए फैसले ले रही है, जिसे देखकर पुलिस जवानों की आउट आफ टर्न प्रमोशन को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। जवान कहते हैं कि सरकार की घोषणा के बावजूद साप्ताहिक अवकाश तो सपना हो गया है। इसलिए अब आउट आफ टर्न प्रमोशन ही शुरू कर दिया जाए। लगभग 10 माह पूर्व बालाघाट में नक्सलियों को ढेर करने वाले हाकफोर्स के जवानों को सरकार ने आउट आफ टर्न प्रमोशन का लाभ दिया था। जिसके बाद इसकी उम्मीद और बढ़ गई। जवान कहते हैं कि देश के कई राज्यों में पुलिस को आउट आफ टर्न प्रमोशन का लाभ मिल रहा है। मध्य प्रदेश में भी नए मुख्यमंत्री को इसकी घोषणा करनी चाहिए। एक जवान ने कहा कि नए सीएम बोलते हैं कि मप्र पुलिस के जवान राज्य की शान हैं। जो राज्य की शान बढ़ा रहे हैं उन्हें आउट आफ टर्न प्रमोशन का लाभ देने से गुरेज क्यों।
बढ़ने लगा गलाव, विक्टोरिया में जले अलाव
ठंड ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। दिन में भी ठंड का एहसास हो रहा है तथा शाम होते ही गलन बढ़ने लगी है। जिससे बेसहारा लोगों व गरीब गुरबों की परेशानी बढ़ी है। नगर निगम भले ही अलाव की व्यवस्था में पीछे रह गई परंतु विक्टोरिया अस्पताल में अलाव जलने लगे हैं। मरीजों के स्वजन को ठंड से बचाने के लिए सिविल सर्जन डा. मनीष मिश्रा ने निजी खर्च पर अलाव की व्यवस्था कराई तथा कंबल भी बांटे। अस्पताल परिसर में अभी तीन जगह अलाव की व्यवस्था की गई है, परंतु लक्ष्य यह है कि अस्पताल में जितने वार्ड, उतने अलाव जलाए जाएं। अन्य सरकारी अस्पतालों के अधिकारियों को भी उदाहरण पेश करना चाहिए। इधर, महापौर भी अब इस अभियान में कूद पड़े हैं। सार्वजनिक स्थल तथा फुटपाथ पर रात काटने मजबूर लोगों को रैन बसेरा पहुंचाने के साथ अलाव व गर्म कपड़ों की व्यवस्था में जुटे नजर अाए।
संरक्षण इसलिए दिया क्योंकि दोनों का फायदा
मझोले साहब ने उस महिला को संरक्षण क्यों दिया जो आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। हवाला के लिए चर्चित रहे पड़ोसी जिले में चौराहे पर ड्यूटी कर रहे कुछ पुलिस जवानों में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। एक जवान ने कहा कि इसे चर्चा का विषय क्यों बनाना। इसका उत्तर तो सीधा-सीधा है कि दोनों का फायदा है इसलिए संरक्षण दे रखा है। दूसरे जवान ने कहा कि फिलहाल अपने पास कोई काम तो है नहीं, इसलिए ज्ञान के आदान-प्रदान में क्या नुकसान। असल में महिला को साहब की पसंद, नापसंद के बारे में पता है। वह जानती है कि साहब को ‘स्पा’ से मोह है। स्पा की तर्ज पर साहब के निजी ठिकाने पर मालिश की सुविधा मिल जाए तो क्या कहने। इस दौरान महंगी सुरा का साथ मिल जाए तो क्या कहने। दोनों की दोस्ती इसलिए अटूट होती जा रही है। साहब ने सिर पर हाथ रखा तो महिला का कारोबार भी चमकने लगा है।
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