रंग संगीत ने कानों में घोली मिठास, सफरनामा की प्रस्तुति भी रही यादगार

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भोपाल। अपने संस्थापक और प्रेरणा स्तंभ स्व केजी त्रिवेदी ‘चच्चा’ की यादों को समर्पित त्रिकर्षि संस्था के प्रथम राष्ट्रीय नाट्य एवं सम्मान समारोह की शुरुआत शहीद भवन में कर्णमधुर रंगसंगीत और यादों का सफरनामा की आकर्षक प्रस्तुति से हुई। इसके अंतर्गत स्व. त्रिवेदी के सृजनशील व्यक्तित्व और कृतित्व पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही युवा कोरियोग्राफर मिलिंद दाभाड़े के निर्देशन में इन्हीं खुशनुमा यादों को उकेरती नृत्य-नाटिका सफरनामा प्रस्तुत की गई। सफरनामा शीर्षक से एक डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे आदर्श शर्मा ने तैयार किया था।

गणेश वंदना से शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मारिस लाजरस के संगीत संयोजन में सुमधुर गणेश वंदना से हुआ। त्रिकर्षि के बाल व युवा कलाकारों के इस वृंद ने एक के बाद एक उन सभी संगीतकारों की संगीत रचनाएं पेश की, जिनका उपयोग केजी चच्चा ने अपने नाटकों में किया था। इन संगीत निर्देशकों में मारिस लाजरस के अलावा सुरेंद्र वानखेड़े, वैभव राखे, रविलाल सांगड़े, अनिल संसारे आदि द्वारा संगीतबद्ध नाट्य गीतों की भी प्रस्तुति हुई, जिन्हें दर्शकों ने करतल ध्वनि के साथ भरपूर सराहा।

इसके उपरांत यादों का सफरनामा शुरू हुआ। इसके तहत वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा शंकर, वरिष्ठ रंगकर्मी अनूप जोशी ‘बंटी’, स्वास्तिका चक्रवर्ती, अमिताभ अनुरागी, मारिस लाजरस, आशीष श्रीवास्तव जैसे वक्ताओं ने केजी चच्चा से जुड़ी मधुर स्मृतियां साझा कर भावभीनी आदरांजलि दी।

चार नाटकों का मंचन और सम्मान होगा

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शिखर सम्मान से सम्मानित स्व केजी त्रिवेदी की स्मृति में इस पांच दिवसीय समारोह में भाग लेने के लिए चच्चा के अनेक शिष्य अन्य शहरों से आए हैं।प्रारंभ में राजश्री त्रिवेदी ने समस्त विशिष्ट अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर केजी चच्चा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। 12 दिसंबर तक चलने वाले पांच दिवसीय समारोह में चार नाटकों का मंचन और 11 दिसंबर को प्रसिद्ध रंगकर्मी और फिल्म अभिनेता पीयूष मिश्रा और दो नेपथ्य कलाकारों का सम्मान किया जाएगा।

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