बड़वानी। गुजरात स्थित सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र में इन दिनों वन्यप्राणियों की मूवमेंट के बीच खेतों से नई प्रजातियों के बड़े सर्प और अजगर निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। बड़वानी जिले में डूब क्षेत्र से लगे खेतों में ऐसे सर्प आए दिन निकल रहे हैं। हाल ही में ग्राम लोनसरा में दो बड़े अजगर एक साथ निकले, वहीं छोटा बड़दा, छोटी कसरावद, भीलखेड़ा, भवती, बिजासन में भी इस तरह की घटनाएं हुई है।
प्रतिमाह करीब 30 रेस्क्यू किए जा रहे हैं। सबसे अधिक तटीय इलाकों के खेतों व घरों में सर्प निकल रहे हैं। सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र सिंह बामनिया के अनुसार जो सर्प व अजगर दिखाई देने लगे हैं, उनमें इंडियन कामन करेत, इंडियन राक पाइथन, इंडियन रेट स्नेक, सास्काल्ड, रसेल वाइपर शामिल हैं।
इंडियन कामन करेत, रसेल वाइपर सबसे ज्यादा जहरीले हैं, बाकी नाग प्रजाति के हैं। बता दें कि बड़वानी में रसेल वाइपर और सास्काल्ड कभी नहीं दिखते थे। रेस्क्यू टीम के अनुसार हर माह 15 अजगर और अन्य सर्प रेस्क्यू किए जा रहे हैं। इन्हें बावनगजा, अंजराड़ा, नलती के जंगल क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है।
किया रेस्क्यू, 24 घंटे रहते हैं अलर्ट
वन विभाग की सर्पों की रेस्क्यू टीम में सर्प विशेषज्ञ गजेंद्रसिंह बामनिया, सहयोगी दीपक सोलंकी एवं अंकित शर्मा शामिल हैं। इनके अनुसार रेस्क्यू के लिए कभी भी फोन आ जाता है अत: 24 घंटे अलर्ट रहना पड़ता है। बीते दिनों भी फोन आया तो तुरंत एक्शन लिया।

