धार, निसरपुर/सुसारी- निसरपुर ब्लाक के ग्राम पिपलिया में ओंकारेश्वर परियोजना की एल-18 ओवरफ्लो हो गई। इस कारण कई किसानों के 20 से 30 एकड़ चने और गेहूं की फसलो में पानी भरने से नुकसान हुआ है। मावठे की वर्षा के साथ ही किसानों के खेतों में नहर का पानी भर गया है। इस मामले में किसानों ने ही नहर में पानी को लेकर विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
क्षेत्र में हुई मावठे की वर्षा ने कई किसानों को खुश तो किसी को गमगीन कर दिया है। मानसूनी वर्षा से फसलों की बर्बादी के बाद किसान अब रबी सीजन में अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे थे। वर्षा से कपास और मिर्च की फसल बर्बाद हो गई थी। इस कारण लागत का मूल्य भी किसान नहीं निकाल पाए थे।
विभाग को अवगत कराने के बाद भी नहीं दिया ध्यान
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद ओंकारेश्वर नहर में पानी निकासी को कम कर दिया जाता या जिन स्थानों से नहर में पानी नदी या नालों में डायवर्ट कर दिया जाता तो ओवरफ्लो होकर खेतों में पानी नहीं घुसता, लेकिन विभाग ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। इसके कारण नहर के ओवरफ्लो पानी से ग्राम पिपल्या के किसानों की 15 से 20 एकड़ में बोए गए चने बर्बाद हो गए। किसान रामू भाई ने बताया कि समय रहते नहर से निकासी बंद कर दी जाती तो हमारा नुकसान नहीं होता। किसान ओमप्रकाश रामेश्वर पाटीदार, अंबाराम पाटीदार आदि किसानों का नुकसान हुआ है।
जैसे ही पानी आया, वैसे ही पानी की मात्रा नहर में तेजी से बढ़ी
किसान रामू कांतिलाल वैद्य, शोभाराम बुदाजी पाटीदार, शोभराम संगरिया के खेतों में दो से चार फीट तक नहर का ओवरफ्लो पानी भर गया था। इस बारे में किसानों ने बताया कि विभाग के अधिकारियों को पता था कि मावठे की वर्षा होगी तो ऊपरी छोर के किसान नहर से पानी लेना बंद कर देते हैं। ऐसे में निचले छोर की नहर में पानी बढ़कर ओवरफ्लो होना तय था। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया। अब मोबाइल पर काल करने पर अधिकारी बात भी नहीं कर रहे हैं।
Views Today: 2
Total Views: 74

